पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने शनिवार को बीकानेर में ‘स्त्री: देह से आगे’ विषयक विवेचन में प्रेरक उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि स्त्री- चेतना, ऊर्जा, सृजन और संस्कार की आधारशिला है।
बीकानेर। पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने शनिवार को बीकानेर के रवीन्द्र रंगमंच में ‘स्त्री: देह से आगे’ विषयक विवेचन में कहा कि जब हम स्त्री को केवल देह के रूप में देखते हैं, तब हम सृष्टि के आधे सत्य को खो देते हैं। स्त्री देह नहीं, चेतना है, ऊर्जा है, सृजन और संस्कार की आधारशिला है। उन्होंने स्त्री: देह से आगे विषय पर बुद्धिजीवी, शिक्षाविद्, मातृशक्ति और युवाओं से संवाद भी किया।
कोठारी ने कहा कि आज की शिक्षा आठ घंटे की औपचारिक प्रक्रिया बनकर रह गई है। जबकि शिक्षा का उद्देश्य जीवन को समझना और व्यक्तित्व का निर्माण करना है। उन्होंने सवाल किया कि क्या हमारी शिक्षा स्त्री और पुरुष की मूल प्रकृति, ऊर्जा और भूमिकाओं को समझा पा रही है। हमारे संगठनात्मक ढांचे में लड़के और लड़की के बीच समान सम्मान का भाव व्यवहार में दिखाई नहीं देता। लड़के को स्वतंत्रता और लड़की को सीमाओं में बांधना, यह संतुलन नहीं, असंतुलन है।
कोठारी ने भारतीय दर्शन के अर्द्धनारीश्वर सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि सृष्टि पुरुष और प्रकृति, दोनों के संतुलन से चलती है। यदि समाज केवल पुरुषत्व को मजबूत करेगा और स्त्रीत्व की ऊर्जा को उपेक्षित करेगा, तो आधी चेतना शून्य रह जाएगी। लड़की के भीतर जन्मजात मातृत्व और करुणा का भाव प्रकृति का उपहार है। यह केवल जैविक नहीं, आध्यात्मिक आयाम है। माया सृष्टि का संचालन करती है, पुरुष नहीं। यह समझना ही आध्यात्मिक दृष्टि है।
अपने संबोधन में कोठारी ने कहा कि शास्त्रों का वाक्य ‘जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं’, केवल अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन पद्धति है। लड़की अपने साथ एक स्वप्न, एक आंतरिक देवत्व लेकर चलती है। उसका शरीर नहीं, उसका सपना उसकी शक्ति है।
विवाह को उन्होंने केवल सामाजिक अनुबंध नहीं, बल्कि आत्माओं का संयोग बताया। विवाह देह का नहीं, चेतना का मिलन है। मंत्र शक्ति के माध्यम से दो सूक्ष्म ऊर्जा एक सूत्र में बंधती हैं। पुरुष बीज है तो स्त्री धरती है। दोनों के संतुलन से ही सृष्टि चलती है। कन्यादान की परंपरा की व्याख्या करते हुए कहा कि यह केवल अनुष्ठान नहीं, बल्कि पीढ़ियों की ऊर्जा और संस्कारों का हस्तांतरण है। कार्यक्रम के अंत में कोठारी ने महिलाओं और छात्राओं से सवाल-जवाब सेशन में संवाद किया।
कार्यक्रम में पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. बीडी कल्ला और जयपुर ग्रेटर की पूर्व मेयर सौम्या गुर्जर ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी ने बीकानेर की ओर से शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया। यूआइटी के पूर्व चेयरमैन महावीर रांका ने आचार्य तुलसी पर जारी सिक्का भेंट कर गुलाब कोठारी का सम्मान किया। विभिन्न महिला संगठनों ने कोठारी को शॉल ओढ़ाकर, स्मृति चिन्ह, पुष्प गुच्छे और विशेष कलाकृतियां भेंट कर अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में आइपीएस अनुष्ठा कालिया, नोखा विधायक सुशीला डूडी, पूर्व जिला प्रमुख सुशीला सींवर, भाजपा जिलाध्यक्ष सुमन छाजेड़ सहित क्षेत्र की प्रबुद्ध महिलाएं आयोजन में शामिल हुईं।