
फाइल फोटो पत्रिका
Rajasthan Traffic : राजस्थान परिवहन विभाग की नई व्यवस्था के तहत अब चालान से बचना आसान नहीं होगा। सड़क पर नियम तोड़ते ही अब “कौन सा चालान?” कहकर बच निकलना आसान नहीं होगा।
परिवहन विभाग ने व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल करते हुए साफ कर दिया है कि केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 के नियम 167(1) एवं 167(2) के तहत जारी हर चालान की सूचना सीधे वाहन स्वामी के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए भेजी जाएगी।
यानी अब चालान की जानकारी डाक से आने या किसी परिचित के बताने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मोबाइल पर मैसेज आते ही आपको पता चल जाएगा कि नियमों की अनदेखी कितनी भारी पड़ी।
परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि वाहन से जुड़ी सेवाओं जैसे नया पंजीयन, पंजीयन नवीनीकरण, स्वामित्व हस्तांतरण, पता परिवर्तन आदि के दौरान वाहन स्वामी का अद्यतन मोबाइल नंबर और एम-परिवहन आईडी वाहन पोर्टल पर दर्ज कराना अब अनिवार्य होगा।
यदि मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है तो चालान सहित अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं वाहन स्वामी तक नहीं पहुंच पाएंगी। ऐसे में भविष्य में किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए नंबर अपडेट कराना जरूरी है।
प्रादेशिक परिवहन अधिकारी अनिल पंड्या ने बताया कि यह व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाने और वाहन स्वामियों को समय पर सूचना उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से लागू की गई है। डिजिटल प्रणाली से विभागीय कार्यों में तेजी आएगी और विवाद की स्थिति भी कम होगी।
परिवहन विभाग ने सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे पंजीयन संबंधी किसी भी कार्य के समय अपना वर्तमान मोबाइल नंबर और एम-परिवहन आईडी अवश्य अपडेट करवाएं। इस संबंध में जिला परिवहन अधिकारी (द्वितीय) अथवा प्रवर्तन विंग से संपर्क करना होगा।
Updated on:
20 Feb 2026 12:33 pm
Published on:
20 Feb 2026 12:32 pm
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