आओ धरती को ओढ़ाएं हरियाळी की चादर

मरूभूमि हरीभरी हो, हरियाळी से आच्छादित हो, प्रकृति अपनी मनोरम छटा बिखेरे और इन सबके मध्य प्राणी, पशु, पक्षी, जीव, जन्तु से लेकर कीट-पतंगे तक हरियाळी का आंनन्द उठाएं, एेसा पवित्र ध्येय लेकर राजस्थान पत्रिका के हरयाळो राजस्थान अभियान में इस बार सरेह नत्थानियान गोचर चारागाह में जुलाई में पौधारोपण किया

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Jun 26, 2016
hariyalo rasthan
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मरूभूमि हरीभरी हो, हरियाळी से आच्छादित हो, प्रकृति अपनी मनोरम छटा बिखेरे और इन सबके मध्य प्राणी, पशु, पक्षी, जीव, जन्तु से लेकर कीट-पतंगे तक हरियाळी का आंनन्द उठाएं, एेसा पवित्र ध्येय लेकर राजस्थान पत्रिका के हरयाळो राजस्थान अभियान में इस बार सरेह नत्थानियान गोचर चारागाह में जुलाई में पौधारोपण किया जाएगा।

इस बार हरयाळो राजस्थान अभियान 'वर्षा महोत्सवÓ के रूप में मनाया जाएगा। तीन दिन के महोत्सव में टीब्बों पर प्रकृति की छटा का वर्षा के मौसम में आनन्द लेने, घूमने फिरने तथा पौधारोपण का पुनीत कार्य करने का मौका आमजन को मिलेगा।

महोत्सव में संस्थाएं, संगठन से लेकर हर कोई भी परिवार और बच्चों के साथ शरीक हो सकेंगे। इसमें शामिल होने के लिए पहले कूपन लेने होंगे। कूपनधारी व्यक्ति और परिवार को वहां पौधारोपण के साथ वर्षा महोत्सव में सम्मिलित किया जाएगा।

हरयालो राजस्थान अभियान में पौधारोपण के साथ पौधों की सुरक्षा के लिए तारबंदी की जाएगी। कूपनधारी संस्था और व्यक्तियों को दो साल तक पौधे की देख-रेख के लिए अपनी सुविधा से हर माह में एक बार आना होगा। जो व्यक्ति या संस्था पौधे लगाएगी, वह पेड़ उन्हीं के नाम से पहचान जाएगा।

इस महोत्सव में संस्थाएं, परिवार और व्यक्ति शामिल होने के लिए अग्रिम कूपन लेने होंगे। कूपन राजस्थान पत्रिका कार्यालय तथा निर्धारित सेन्टरों से प्राप्त किए जा सकेंगे।

कूपनधारी संस्थाओं और परिवार ही महोत्सव के सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक कार्यक्रमों का आनन्द ले सकेंगे। वर्षा महोत्सव के इस हरियाळो राजस्थान अभियान से जुडऩे की इच्छुक संस्थाएं, संगठन परिवार अपना पंजीकरण पत्रिका कार्यालय में करवा सकेंगे। इसके लिए पंजीकरण 5 जुलाई तक होगा।

देवानामवृक्ष राज नमस्तुते:

हरयाळो राजस्थान अभियान में सरेह नथानियान में जुलाई में पौधारोपण और वर्षा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। वृक्ष की महत्ता हमारे शास्त्रों में इस तरह कही गई है:-

मूल ब्रह्मा: त्वचा विष्णुशाखे रूद्रे महेश्वस्यपत्रे-पत्रे त् देवानामवृक्ष राज नमस्तुते:

हमने पेड़ को ईश्वरीय रूप माना है। फिर पर्यावरणीय चुनौतियों और जीव-जगत के लिए पेड़ के महत्व का बखान करने की जरूरत नहीं है।

पेड़ हमारे फेफड़े, वातावरण परिवर्तन और बढ़ते तापमान को रोकने में समर्थ है। पेड़ के बिना मानव ही नहीं जीव-जगत का अस्तित्व नहीं रह सकता है।

फिर हम मानवता की सेवा के इस पुनीत कार्य में क्यों नहीं आगे आ रहे हैं? विभिन्न संस्थाएं, संगठन, सरकारी विभाग, विधायक, पूर्व मंत्री, जनप्रतिनिधि, राजनीतिक दलों के लोग, महिला संगठन, क्लब, युवा संस्थाएं आदि स्व-प्रेरणा से कितने पेड़ लगाना चाहते हैं? इसकी सूचना हरयाळो राजस्थान अभियान में पत्रिका कार्यालय में फोरमेट भरकर अथवा लिखित में दे सकते हैं।


Published on:
26 Jun 2016 07:04 pm