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‘सरेंडर करो या मेरिट पर फैसला’, सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को दिए दो विकल्प

Raja Raghuvanshi Murder Case: राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट ने दो विकल्प दिए हैं। क्या हैं वो दोनों विकल्प? आइए जानते हैं।
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भारत

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Tanay Mishra

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Updated: 22 Jul 2026, 3:14 AM IST

supreme Court

सुप्रीम कोर्ट (File Photo)

चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड (Raja Raghuvanshi Murder) में आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi) को मिली जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार की याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सोनम के वकील के सामने दो विकल्प रखते हुए पूछा कि क्या वह सरेंडर करेगी या फिर अदालत जमानत रद्द करने के मुद्दे पर मेरिट के आधार पर विस्तृत सुनवाई करते हुए आदेश देगी।

कब होगी अगली सुनवाई?

सुप्रीम कोर्ट ने वकील से निर्देश लेकर लौटने को कहा और मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को तय की। इस दिन सोनम के खुद सरेंडर करने या अदालत द्वारा जमानत रद्द करने के विषय में फैसला लिया जा सकता है। मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि सोनम ने स्वयं सरेंडर किया था, उसे गिरफ्तारी के आधार बताए गए थे, उसने संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए थे और उसके भाई को गिरफ्तारी की सूचना भी दी गई थी। उनका कहना था कि दस्तावेज में सिर्फ टाइपिंग की तकनीकी त्रुटि हुई थी, जिससे मामले की वैधता प्रभावित नहीं होती और इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

सिर्फ कानूनी धारा का नंबर टाइप करने में हुई गलती

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि गिरफ्तारी दस्तावेज में सिर्फ कानूनी धारा का नंबर टाइप करने में गलती हुई थी। सोनम पहले से जानती थी कि उस पर हत्या का आरोप है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। उन्होंने दलील दी कि इतनी छोटी तकनीकी गलती के आधार पर जमानत नहीं मिलनी चाहिए। साथ ही आशंका जताई कि जमानत बरकरार रहने पर उसके फरार होने की संभावना है।

सोनम का दावा - झूठा फंसाया गया

सोनम की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जवाब में कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है, वह निर्दोष है और अभियोजन का पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है। सोनम का कहना है कि इसलिए सिर्फ आरोपों के आधार पर उसे दोषी नहीं माना जा सकता। सोनम के बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि पूरे मामले को मीडिया ने काफी ज़्यादा प्रचारित किया है, जिसकी वजह से इसने काफी तूल पकड़ ली।