
मांसपेशियों के लिए भी कैल्शियम जरूरी
कैल्शियम हड्डियों के लिए ही नहीं बल्कि शरीर की हर कोशिका, नसों, रक्त, मांसपेशियों और हृदय के लिए भी जरूरी है। शरीर में अन्य खनिजों के मुकाबले कैल्शियम सबसे ज्यादा मौजूद होता है।
इसका लगभग 99 प्रतिशत हिस्सा हमारी हड्डियों और दांतों में और एक प्रतिशत हिस्सा रक्त और मांसपेशियों में होता है।
हाथ-पैर में झुनझुनी
कैल्शियम की कमी से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस होने की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा मांसपेशियों में ऐठन, याददाश्त में कमी, शरीर सुन्न होना और हाथों- पैरों में झुनझुनी जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं।
गर्भावस्था में जरूरी
कैल्शियम गर्भस्थ शिशु व मां दोनों के लिए जरूरी है। यह गर्भवती महिलाओं का ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखता है। गर्भवती महिला को 2500 मिग्रा. से ज्यादा कैल्शियम नहीं लेना चाहिए। मासिक धर्म, गर्भधारण, स्तनपान एवं मेनोपॉज के दौरान कैल्शियम की कमी हो जाती है। इसलिए इसे नियमित लें।
खानपान से ले सकते
एक टी टेबल तिल में करीब 88 मिग्रा. कैल्शियम होता है। इसे सलाद, सूप में इस्तेमाल किया जा सकता हैं।
एक गिलास उबलते पानी में एक चम्मच जीरा मिलाएं। पानी को ठंडा करके दिन में दो से चार बार पीएं। कैल्शियम की कमी दूर हो सकती है। 250 मिग्रा. गुग्गुल, गिलोय की पत्तियां, जड़ व तना और एंटीऑक्सीडेंट युक्त अश्वगंधा का प्रयोग करें। डॉक्टरी सलाह से प्रयोग कर सकते हैं।
कितनी जरूरत
1 से 3 साल के बच्चे को 5०० मिग्रा.
4 से 8 साल के बच्चे को 800 मिग्रा.
9 से 18 साल के बच्चे को 1300
19 से 50 की उम्र में 1000 मिग्रा.
51 साल की उम्र के बाद 1200
महिलाओं में मेनोपॉज के बाद 1500 मिग्रा.
दूध पिलाने वाली महिलाओं के लिए 1200 मिग्रा. प्रतिदिन जरूरी।
सुबह की धूप लें
विटामिन डी लेने के लिए धूप में बैठें, उस समय शरीर पर किसी प्रकार का तेल या क्रीम नहीं लगानी चाहिए। सुबह के समय धूप में बैठें। करीब आधा घंटा बैठने से पर्याप्त विटामिन डी मिलता है। पौष्टिक आहार के साथ शरीर में इसकी ज्यादा कमी होने पर सप्लीमेंट के रूप में एक दिन में एक कैल्शियम टेबलेट डॉक्टरी सलाह से ली जा सकती है।
डॉ. अमित जैन, न्यूरो सर्जन
परामर्श भी जरूरी
कैल्शियम की कमी पूरी करने और शरीर को अतिरिक्त कैल्शियम देने के लिए डॉक्टरी सलाह पर बायोकेमिकल फॉर्मूले से बनी कैलकेरिया फोस ली जा सकती है। इसमें कैल्शियम फॉस्फेट होता हैं, जो हड्डियों और जोड़ों को मजबूत बनाता है। जरूरी जांच और चिकित्सक के परामर्श के बाद कैल्शियम की टेबलेट लें।
डॉ. नमिता राजवंशी, होम्योपैथी विशेषज्ञ