हाउसिंग बोर्ड की योजना...फ्लैक्ट्स में 90 प्रतिशत से अधिक काम पूर्ण हो चुका है। महज फिनिशिंग का काम बाकी है। फ्लैट्स की कीमत तय करने के लिए हाउसिंग बोर्ड जयपुर हैड ऑफिस रिपोर्ट भेज चुका है।
अपने आशियाना का सपना संजोए बैठे लोगों के लिए खुशखबर है। नए साल में 128 परिवारों को आशियाना मिल जाएगा। हाउसिंग बोर्ड ने उक्त परिवारों को फ्लैट देने की सारी कवायद पूरी कर ली है।
फ्लैक्ट्स में 90 प्रतिशत से अधिक काम पूर्ण हो चुका है। महज फिनिशिंग का काम बाकी है। फ्लैट्स की कीमत तय करने के लिए हाउसिंग बोर्ड जयपुर हैड ऑफिस रिपोर्ट भेज चुका है।
सूत्रों के अनुसार आर्थिक दृष्टि से कमजोर और अल्प आय वर्ग के लोगों के मकान का सपना पूर्ण करने के लिए राज्य सरकार के आदेश पर हाउसिंग बोर्ड ने कवायद शुरू की। आवेदकों ने फार्म जमा करवाए।
फिर चैकिंग के बाद पात्र अभ्यर्थियांे का चयन हुआ। फ्लैट्स की अनुमानित कीमत के हिसाब से आवेदकों से 10 प्रतिशत राशि भरवा ली गई। वर्ष 2016 में लाटरी की प्रक्रिया से चयन करते हुए आवेदकों को प्राथमिकता से फ्लैट्स अलॉट किए गए।
मार्च तक देंगे मकान मालिकों को पॉजीशन
मुक्ताप्रसाद नगर में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी के लिए बनाए गए 128 फ्लैट्स में लगभग काम पूरा हो चुका है। फिनिशिंग का काम चल रहा है। कीमत तय करने के लिए रिकार्ड हैड ऑफिस भेजा गया है। रेट तय होने के साथ ही काम पूरा करवाकर अलाटमेंट के हिसाब से फ्लैट्स की पॉजीशिन देनी शुरू कर देंगे।
-एमसी उपाध्याय, डिप्टी कमिश्नर, हाउसिंग बोर्ड।
किस कैटेगिरी के कितने फ्लैट्स
हाउसिंग बोर्ड ने आर्थिक दृष्टि से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) के लिए 96 और अल्पआय वर्ग (एलआईजी) के लिए 32 फ्लैट्स बनाए हैं। इसमें सिविल वर्क का काम लगभग पूरा हो चुका है। मुख्यालय से कीमत फाइनल होकर आते ही मकान अलॉट किए जा सकेगें।
कीमत ने बिगाड़ रखा है खेल
मुक्ताप्रसाद नगर के सेक्टर 11 में काफी समय पहले हाउसिंग बोर्ड ने 25 गुणा 50 और 30 गुणा 60 साइज के भूखंड पर मकान बनाए थे। लाटरी के समय आवेदकों से क्रमश: करीब 27 और 37 लाख रुपए कीमत रुपए लेना तय हुआ।
मगर जब अलाटमेंट का समय आया तो कीमत बढ़ाकर 45 और 58 लाख रुपए कर दी गई। एेसे में लोगों ने हाउसिंग बोर्ड से जमा करवाए रुपए वापस मांग लिए।