
bjp president nitin nabin (Patrika File Photo)
BJP President Nitin Nabin Rajasthan Visit: नितिन नवीन का बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पहला राजस्थान दौरा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। सचिन पायलट के अभेद्य दुर्ग माने जाने वाले टोंक से शुरुआत कर बीजेपी ने अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं।
बीजेपी ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे की शुरुआत के लिए टोंक को चुनकर एक सोची-समझी रणनीति अपनाई है। टोंक कांग्रेस के कद्दावर नेता सचिन पायलट का निर्वाचन क्षेत्र है। विपक्ष के सबसे मजबूत किले से हुंकार भरकर बीजेपी यह संदेश देना चाहती है कि अब कोई भी क्षेत्र उसके लिए 'अजेय' नहीं है।
टोंक पूर्वी राजस्थान का प्रवेश द्वार है। यहां से पार्टी भरतपुर, धौलपुर और करौली जैसे जिलों में अपने कैडर को यह यकीन दिलाना चाहती है कि पार्टी अब बैकफुट के बजाय फ्रंटफुट पर खेलेगी। नितिन नवीन का यह दौरा केवल भाषणों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्राउंड वर्किंग पर केंद्रित है।
टोंक में जिला कार्यालय के उद्घाटन के साथ-साथ बूंदी, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, चूरू, पाली और बाड़मेर में वर्चुअल उद्घाटन बीजेपी की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह हर जिले में अपना स्थाई और आधुनिक केंद्र चाहती है।
दौरे का मुख्य उद्देश्य बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरना है। संगठन विस्तार की इस कड़ी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की उपस्थिति एकजुटता का प्रदर्शन है।
बताते चलें, भरतपुर, करौली, सवाई माधोपुर, धौलपुर और दौसा जैसे पांच प्रमुख जिलों में 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 13 सीटें जीतीं। जबकि कांग्रेस आठ सीटों पर सिमट गई और एक सीट निर्दलीय के खाते में गई।
भाजपा अपनी इस बढ़त को आगामी नगर निकाय और उपचुनावों में भी बरकरार रखना चाहती है। टोंक से शुरुआत करने का मतलब है कि भाजपा उन 8 सीटों पर भी सेंध लगाने की तैयारी में है, जो अभी कांग्रेस के पास हैं।
नितिन नवीन के इस दौरे से भाजपा की आगामी कार्ययोजना के तीन मुख्य बिंदु उभर कर सामने आते हैं। पार्टी अब कांग्रेस के 'सेफ जोन' में घुसकर संगठन खड़ा करेगी। टोंक के बाद जयपुर में होने वाला भव्य स्वागत और कोर कमेटी की बैठक इसी रणनीति को धार देने के लिए है।
युवा मोर्चा की बाइक रैली और महिला मोर्चा का स्वागत कार्यक्रम यह दिखाने के लिए है कि पार्टी का हर विंग सक्रिय मोड में है। प्रदेश कार्यालय में होने वाली बैठक में सरकार (मुख्यमंत्री) और संगठन (राष्ट्रीय अध्यक्ष) के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर चर्चा होगी, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ संगठन के जरिए अंतिम छोर तक पहुंचे।
नितिन नवीन का यह दौरा महज एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि राजस्थान की राजनीति में 'पावर शिफ्ट' का संकेत है। पायलट के गढ़ से शुरू हुआ यह सफर भाजपा की उस विस्तारवादी सोच को दर्शाता है, जहां वह विपक्ष को उसके घर में ही घेरने की तैयारी कर चुकी है।
Published on:
27 Apr 2026 09:43 am
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