चेहरे पर मुस्कान और अनूठे आयोजन को देखने की ललक से ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानों बचपन को खुलकर जीने का आंगन मिल गया हो। स्टेडियम में अंतिम दिन उत्साह का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि करीब 50 हजार बच्चे और अभिभावकों फेस्टिवल में प्रवेश दर्ज किया गया।
बीकानेर चिल्ड्रन फेस्टिवल ‘आजू गूजा 2.0’ के तीन दिवसीय आयोजन का रविवार को उत्साह और उल्लास के साथ समापन हुआ। रविवार की छुट्टी के चलते शहरभर के बच्चे अपने परिजनों के साथ घरों से निकल कर डॉ. करणी सिंह स्टेडियम पहुंचे। गुदगुदाने और बचपन को जीवंत करने वाली एक्टीविटिज को देख बच्चों के चेहरे खिल उठे। उनके चेहरे पर मुस्कान और अनूठे आयोजन को देखने की ललक से ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानों बचपन को खुलकर जीने का आंगन मिल गया हो। स्टेडियम में अंतिम दिन उत्साह का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि करीब 50 हजार बच्चे और अभिभावकों फेस्टिवल में प्रवेश दर्ज किया गया।
दोपहर 12 बजे ही खत्म हो गए 18 हजार रिस्ट बैंड
बच्चों ने फन गेम्स, क्रिएटिव वर्कशॉप्स, पेंटिंग, एक्टिविटी स्टॉल्स एवं ड्रम सर्कल समेत मनोरंजक कार्यक्रमों में भाग लिया। स्टेडियम में बच्चों की चहक, रंग-बिरंगी गतिविधियों और पारिवारिक माहौल ने आयोजन को यादगार बना दिया। जिला कलक्टर नम्रता वृष्णि ने कहा कि ‘आजू गूजा’ ने बच्चों को मनोरंजन का मंच प्रदान करने के साथ उनकी रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को प्रोत्साहित किया। निगम आयुक्त मयंक मनीष ने बताया कि आयोजन के अंतिम दिन दोपहर 12 बजे तक ही 18 हज़ार रिस्ट बैंड ख़त्म हो गए। सुरक्षा, ट्रैफिक, चिकित्सा एवं अन्य व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम रखे।
देशभर से आए कलाकार
बीडीए कमिश्नर अपर्णा गुप्ता ने बताया कि इस अनूठे फेस्टिवल में बच्चों के लिए देशभर से थिएटर, चित्रकला, माइम, पॉटरी मेकिंग, ऑरिगेमी, मैजिक शाे, जायंट पपेट, लाइव थिएटर परफॉर्मेंस, ग्रैफिटी वर्कशॉप, बीटबॉक्स, म्यूजिक एवं नृत्य के कलाकार पहुंचे। बच्चों को प्लास्टिक मैनेजमेंट, वेट वेस्ट और ड्राई वेस्ट, फूड वेस्ट कंट्रोल की गतिविधियाें से रूबरू करवाया गया।