Indian Army Khadga Shakti 2026: चारों ओर ऊंचे-ऊंचे रेतीले धोरों के बीच गहरी खाइयां, तेज हवाओं के साथ उड़ता बालू और युद्ध की निस्तब्धता को चीरती गोलाबारी। राजस्थान के पश्चिमी रेगिस्तान में सोमवार को ऐसा ही दृश्य देखने को मिला।
पश्चिमी सीमा से दिनेश कुमार स्वामी
Indian Army Khadga Shakti 2026: चारों ओर ऊंचे-ऊंचे रेतीले धोरों के बीच गहरी खाइयां, तेज हवाओं के साथ उड़ता बालू और युद्ध की निस्तब्धता को चीरती गोलाबारी। राजस्थान के पश्चिमी रेगिस्तान में सोमवार को ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जब भारतीय सेना ने अपनी आधुनिक युद्ध क्षमता की पूरी ताकत झोंक दी। खड़ग शक्ति 2026 युद्धाभ्यास के दौरान सेना ने साफ संदेश दिया…भारत हर मोर्चे पर, हर हाल में, हर दुश्मन से निपटने को तैयार है।
रेगिस्तान में दुश्मन सेना के काल्पनिक डिप्लॉयमेंट को दर्शाने वाले लैंडमार्क के बीच सेना ने आधुनिक और पारंपरिक युद्ध कौशल का जबरदस्त प्रदर्शन किया। अटैक हेलीकॉप्टर अपाचे, चेतक और चीता ने दुश्मन के ठिकानों पर सटीक फायर कर आसमान से कहर बरसाया। वहीं लॉजिस्टिक ड्रोन और तोपखाने की समन्वित फायरिंग ने यह जता दिया कि बदलते युद्ध परिदृश्य में सेना तकनीक और रणनीति, दोनों में आगे है।
जमीन पर टैंक, बख्तरबंद वाहन और मशीनीकृत पैदल सेना ने एकीकृत फायरिंग ड्रिल के साथ आगे बढ़ते हुए लक्ष्य भेदन किया। कमांडो की अग्रिम टुकड़ियों ने दुश्मन के ठिकानों की पहचान कर पल-पल की जानकारी तोपखाना इकाइयों को दी, जिसके बाद हुई सटीक और घातक गोलाबारी में दुश्मन के अड्डे नेस्तनाबूत कर दिए गए।
युद्धाभ्यास का सबसे गर्वपूर्ण और रोमांचक दृश्य रहा स्वदेशी ड्रोन शक्ति का प्रदर्शन। सेना ने दिखाया कि कैसे खड़गा चक्र ड्रोन करीब 200 किलो वजनी बारूदी हथियार लेकर कई फीट ऊंचाई से दुश्मन के ठिकानों पर घातक प्रहार कर सकता है। इसके साथ ही अश्विनी प्लाटून के अश्विनी ड्रोन एक झुंड की तरह आसमान में मंडराते हुए दुश्मन को मानसिक और सामरिक दोनों स्तर पर जकड़ते नजर आए।
रेगिस्तान की रेत पर उठता धुआं, आसमान में गूंजते हेलीकॉप्टर और ड्रोन की भनभनाहट। यह केवल अभ्यास नहीं था, बल्कि दुश्मन के लिए सीधी चेतावनी थी। भारत की सीमाएं सुरक्षित हैं और भारतीय सेना हर चुनौती का जवाब देने को पूरी तरह तैयार है।