
बीकानेर. मानसूनी बारिश के बाद अब शहर से गांवों तक मच्छरों के डंक से लोग बीमार हो रहे है। स्वास्थ्य विभाग एण्टीलार्वा गतिविधियों के माध्यम से मच्छरों पर नियंत्रण का प्रयास कर रहा है, जो नाकाफी साबित हो रहा है। डेंगू और मलेरिया के रोगी सामने आ रहे है। जिले में जनवरी से अब तक २७ डेंगू एलाइजा के रोगी सामने आ चुके है। इनमें छह बाहरी जिलों के है।
दो डेंगू ग्रसित रोगियों की मौत हो चुकी है। इनमें एक बीकानेर शहर का है। वहीं मलेरिया पीवी के ३१ रोगी सामने चुके है। इनमें १९ ग्रामीण क्षेत्रों के और १२ बीकानेर शहर के है। चिकित्सकों के अनुसार निजी अस्पतालों में भी डेंगू, मलेरिया के रोगी पहुंच रहे है। जानकारों के अनुसार धार्मिक मेलों के दौरान मच्छरों के काटने से डेंगू, मलेरिया के रोगी और बढ़ सकते है।
घर-घर कर रहे सर्वे
सीएमएचओ डॉ. बीएल मीणा ने बताया कि शहरी क्षेत्र में मच्छरजनित व मौसमी बीमारियों को लेकर विभाग की मेडिकल टीमें घर-घर सर्वे कर रही है। सर्वे के दौरान सामने आ रहे बुखार रोगियों की रक्त पट्टिकाएं संग्रहित कर जांच कराई जा रही है, रोगियों को दवाइयां दी जा रही है। उन्होंने बताया कि डेंगू, मलेरिया को लेकर विभाग सतर्क है। सभी बीसीएमओ और चिकित्सा प्रभारी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके है। एंटीलार्वा गतिविधियां कराई जा रही है।
नोखा में मिला डेंगू का रोगी, जयपुर में चल रहा इलाज
नोखा. कस्बे के जोरावरपुरा क्षेत्र में एक युवक के डेंगू पॉजीटिव पाए जाने के बाद चिकित्सा विभाग सक्रिय हो गया है। विभाग की ओर से इस क्षेत्र में करीब ५० घरों का सर्वे कराया गया है। ब्लॉक सीएमएचओ डॉ. श्याम बजाज ने बताया कि जोरावरपुरा में करणीमाता मंदिर के पास रहने वाले गोरधन सुथार (२८) में डेंगू के लक्षण पाए जाने पर उसने जयपुर के एसएमएस अस्पताल से इलाज कराया है। अभी वह ठीक है। डॉ. बजाज ने बताया कि गोरधन मुंबई रहता था। वह जून में ही नोखा आया है। उसमें सक्रबटाइपस बीमाारी के लक्षण भी मिले हैं। इस बीमारी में रोगी को बुखार आता है और शरीर पर ब्लैक डॉट हो जाते हैं।