
नोखा. महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय स्तर की उच्च शिक्षण संस्थानों को अब शैक्षणिक निरीक्षण के साथ प्रशासनिक निरीक्षण भी अनिवार्य रूप से कराना होगा। उच्च संस्थानों को गुणवत्ता के आधार पर ग्रेङ्क्षडग प्रदान करने वाली राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) बैंगलोर अपने निरीक्षण कार्यक्रम में आमूलचूल परिवर्तन करने जा रही है।
परिषद ने कहा कि शैक्षणिक निरीक्षण में जहां एक ओर संस्थान में विद्याॢथयों के नामांकन के साथ-साथ सफलता के प्रतिशत से लेकर पूरी अकादमिक उपलब्धि को परखा जाएगा। वहीं दूसरी ओर शिक्षकों की ओर से प्रकाशित होने वाले शोध पत्र, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित सेमिनार एवं कार्यालय में सहभागिता, संकाय सदस्यों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं को भी निरीक्षण के दायरे में शामिल किया गया है। जबकि प्रशासनिक निरीक्षण में मानवीय, भौतिक, शैक्षणिक, सहशैक्षणिक, वित्तीय और आकस्मिक समस्याओं के निदान, उपचार तथा नवाचार के लिए अपनाए तरीकों को परखा जाएगा।
गुणवत्ता बढ़ेगी
&नैक के एकेडमिक और एडमिनिस्ट्रेटिव ऑडिट से शैक्षणिक संस्थानों के प्रशासनिक ढांचों में गुणात्मक सुधार होगा साथ ही शैक्षणिक माहौल का निर्माण हो सकेगा और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में इजाफा होगा।
डा. राजेन्द्र श्रीमाली, शिक्षाविद्
विधायक सुराना ने सुने ग्रामीणों के अभाव-अभियोग
लूणकरनसर. क्षेत्रीय विधायक मानिकचन्द सुराना ने शनिवार को यहां हनुमान मन्दिर में क्षेत्र के गांवों से आए लोगों के अभाव-अभियोग सुने। सुराना ने जन सुनवाई में इलाके के लोगों से मिलकर पानी, बिजली, शिक्षा, चिकित्सा समेत कई मुद्दों को लेकर जन सुनवाई की। ग्राम कागासर, छटासर व गारबदेसर के ग्रामीणों ने धीरासर जलप्रदाय योजना से जलापूर्ति नहीं हो की समस्या से अवगत करवाकर सुचारू करवाने की मांग उठाई।
जन सुनवाई में लूणकरनसर सरपंच रफीक मालावत, कालू उप सरपंच हजारीराम सारस्वत, शेखसर उप सरपंच सुनील डागा, इतिहास गौड़, सुरनाणा सरपंच लालूराम मेघवाल, व्यापार मण्डल उपाध्यक्ष विनोद चौपड़ा आदि मौजूद थे। लक्ष्मीनारायण ओझा ने बताया कि रविवार को विधायक सुराना ग्राम लालेरां, रतनीसर व बालादेसर में ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे।