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गोपाष्टमी पर्व: गोवंश की रक्षा के लिए बदलनी होगी सोच

गोपाष्टमी पर्व शहर की गोशालाओं में गायों का पूजन कर, गुड़ व लापसी खिलाकर मनाया गया।
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बीकानेर

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dinesh kumar swami

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Updated: 29 Oct 2017, 12:46 PM IST

Gopashtimi festival

गोपाष्टमी पर्व

बीकानेर . गोपाष्टमी पर्व शनिवार को शहर की गोशालाओं में गायों का पूजन कर, गुड़ व लापसी खिलाकर मनाया गया।
वेटरनरी विश्वविद्यालय में पशुपालन विभाग और राष्ट्रीय गाय आंदोलन के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित समारोह में गौशाला प्रबधकों, गो सेवकों और गो पालकों को सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सिंचाई मंत्री देवी सिंह भाटी ने कहा कि देशी गोवंश पालन से गांव और परिवार स्वावलम्बी बने रहें लेकिन संकर और विदेशी नस्लों के कारण देशी गोवंश पर संकट गहराता जा रहा है। देशी गोवंश की महत्ता को पुनस्र्थापित करके पंचगव्यों की उपयोगिता को लेकर कार्य करने की जरूरत है।

कामाख्या देवी पीठाधीश्वर स्वामी पंचानद गिरि महाराज ने कहा कि इस देश में गोपालन की पंरपराओं से पीछे हटने के कारण गोवंश दुर्दशा का शिकार हो रहा है। गोवंश की रक्षा के लिए हमें अपनी सोच और चरित्र को बदलना होगा। सागर के स्वामी रामेश्वरानंद महाराज ने पंचगव्य के उत्पादों की मानव स्वास्थ्य में उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. बी.आर. छीपा, नगर विकास न्यास के अध्यक्ष महावीर रांका, स्वामी चन्द्रशेखर महाराज, श्री हिन्दू तख्त के अमित जोशी, प्रो. त्रिभुवन शर्मा, संयुक्त निदेशक डॉ. अशोक, डॉ. राजेश पारीक ने भी विचार रखे। आयोजन को लेकर अरविन्द उभा, सूरजमाल सिंह नीमराना, गोपाल सिंह नाथावत ने भागीदारी निभाई।

गोशाला की सफाई
श्रीगंगानगर रोड स्थित कानासर फांटा के समीप संत भावनाथ आश्रम स्थित गोशाला में गोपाष्टमी पर्व उत्सव के रूप में मनाया गया। प्रथम सत्र में गोशाला की सफाई की गई। संत भावनाथ महाराज ने गायों का पूजन किया व लापसी खिलाई।

महाराज ने कहा कि गाय हमारी संस्कृति है और हमें अपनी मूल परम्परा व संस्कृति को बचाना है तो गाय को बचाना चाहिए। प्रहलाद ओझा ने कहा कि गाय की सेवा करने से समस्त दोषों निवारण हो जाता है। तीसरे सत्र में शाम को गोशाला के चारों ओर दीपमाला सजाई गई।

गोगागेट सर्किल पर किया पूजन
श्री मां गायत्री मण्डल सेवा संस्थान की ओर से राजकीय पशु चिकित्सालय गोगागेट घूमचक्कर पर पंडित गायत्री प्रसाद शर्मा, पंडित बंशीलाल शर्मा, संस्था के अध्यक्ष काशी प्रसाद तिवाड़ी ने गाय का पूजन कर लापसी खिलाई।

गोसेवा से बड़ा धर्म नहीं
बीकानेर की नंदन गौशाला में आयोजित कार्यक्रम में गोसेवी पदमाराम कुलरिया ने कहा कि गोसेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। गाय में 33 कोटि देवी-देवता होते हैं। गाय के दूध में स्वर्ण तत्त्व होता है जो शक्ति बढ़ाता है। जो गाय की सेवा करता है वह वैष्णव होता है।

निकाली प्रभातफेरी
श्री ओमकार दास राठी स्मृति न्यास के तत्वावधान में गोहत्या को रोकने की मांग करते हुए डॉ. धनपतराय मार्ग से प्रभात फेरी निकाली गई। प्रभात फेरी धनपतराय मार्ग से विभिन्न मोहल्लों से होते हुए जनेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। इसमें किशन गोपाल राठी, सूरत सेवा समिति के बालकिशन राठी, कन्हैयालाल राठी, ओमप्रकाश, नवनीत नारायण व्यास, मनीष चांडक, अरुण पेडिवाल, पकंज बिहाणी आदि शामिल हुए।

श्री मुरली मनोहर गोशाला भीनासर में गोशाला परिसर में संतों ने गीता पाठ किए। भारतीय संस्कृति के उन्नयन विकास में गोमाता के महत्व पर संतों ने प्रकाश डाला। अध्यक्ष जगदीश प्रसाद सारड़ा ने बताया कि युवावर्ग ने गोशाला परिसर में साफ-सफाई व रंग-रोगन किया।