तेज हवाओं के साथ बारिश की फुहारों से यह उल्लास कई गुणा बढ़ गया। पुराने शहर में बड़ा बाजार में सजी श्रीकृष्ण-राधा की ड्रेस, लड्डू गोपाल की पोशाकों और सजावट के विभिन्न सामान की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ जुटी रही।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर सोमवार को भगवान इन्द्रदेव भी मेहरबान नजर आए। सुबह हल्की धूप निकलने के बाद मौसम पलटा और दस बजे के बाद आसमान में काले घने बादल छाने शुरू हो गए। दोपहर 12 बजे अंचल में बारिश शुरू हुई, जो करीब 20 मिनट तक चली। इसके बाद एक बारगी बारिश कुछ देर के लिए रुकी, फिर बारिश के दो दौर और चले। इस बीच हल्की फुहार गिरती रहीं और मौसम सुहावना बना रहा।जन्माष्टमी के चलते घरों से लेकर बाजार तक में उत्सव का उल्लास रहा।
ऐसे में तेज हवाओं के साथ बारिश की फुहारों से यह उल्लास कई गुणा बढ़ गया। पुराने शहर में बड़ा बाजार में सजी श्रीकृष्ण-राधा की ड्रेस, लड्डू गोपाल की पोशाकों और सजावट के विभिन्न सामान की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ जुटी रही। इसके साथ ही भगवान को 56 भोग लगाने के लिए मिठाइयों की दुकानों पर खरीददारी के लिए लोग जुटे रहे।
मौसम का साथ मिलने से बाजार में भीड़ के बावजूद लोग गर्मी से परेशान नहीं हुए। मौसम विभाग के अनुसार बरसात के पहले दौर में करीब आधा एमएम और फिर दूसरे दौर में करीब तीन एमएम बारिश दर्ज हुई। बीते तीन-चार दिन के दौरान गर्मी वापस तल्ख होने लगी थी। दिन में तेज धूप पसीने छुड़ा रही थी। ऐसे में सोमवार को बारिश ने लोगों को गर्मी से एक बार फिर राहत देने का काम किया।