हिन्दू धर्म के रीति रिवाज के अनुसार मृत्यु के बाद जल्द अंतिम संस्कार करने की कोशिश रहती है लेकिन
जसरासर. हिन्दू धर्म के रीति रिवाज के अनुसार मृत्यु के बाद जल्द अंतिम संस्कार करने की कोशिश रहती है लेकिन नोखा अस्पताल से अलग यहां जब किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद पोस्टमार्टम करवाने के लिए लाते हैं तो चिकित्सक कह देते है कि पहले अस्पताल में मरीजों को देखेंगे। बाद में पोस्टमार्टम करेंगे। तब पीडि़त लोग प्रधान या उच्च अधिकारी को फोन करवाकर पोस्टमार्टम करवाते हैं। जानकारी के अनुसार जसरासर क्षेत्र के गांव दुदावास में रामरखराम जाट की खेत के कुण्ड में डूबने से मृत्यु हो गई थी परिजन पुलिस के साथ सुबह 7.30 नोखा अस्पताल पहुंच गए। हवलदार बनवारी लाल बिश्नोई ने रिपोर्ट बनाकर बागड़ी अस्पताल के चिकित्सकों को भेज दी लेकिन परिजन चिकित्सक का इंतजार करते रहे।
कुछ समय बाद परिजनों में चिकित्सकों से पोस्टमार्टम के लिए निवेदन किया तो चिकित्सक ने आने का आश्वासन दिया फिर भी नही आए और कहा कि पहले मरीजों को देखेंगे। इसके बाद में पोस्टमार्टम करेंगे। परेशान परिजनों ने नोखा प्रधान कन्हैयाल लाल जाट को आपबीती बताई। प्रधान ने अधिकारियों को जानकारी दी। तब चिकित्सक पोस्टमार्टम करने के लिए आए। चिकित्सक महेश मिड्ढा ने कहा कि हम समय पर काम करने की कोशिश करते है।
पोस्टमार्टम जरूरी
&ऐसी कोई बात नही हैं। उपखण्ड अधिकारी से उनकी बात हुई थी। मृतक का पोस्टमार्टम करना जरूरी होता है। यह चिकित्सक की जिम्मेदारी है।
डॉ. श्याम बजाज, ब्लॉक चिकित्सक अधिकारी नोखा