
बीकानेर। पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने पुलिस जवानों को स्पष्ट संदेश दिया कि सख्ती अपराधियों पर और संवेदनशीलता आमजन के साथ ही राजस्थान पुलिस की असली पहचान होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस को देश का सर्वश्रेष्ठ बल बनाने के लिए हर पुलिसकर्मी में समर्पण, अनुशासन और मानवीय दृष्टिकोण होना जरूरी है। वे गुरुवार को बीकानेर पुलिस लाइन में जवानों की संपर्क सभा को संबोधित कर रहे थे।
डीजीपी शर्मा ने संपर्क सभा में दो टूक कहा कि थानों में व्यवहार को लेकर आने वाली शिकायतें बेहद गंभीर हैं। आमजन के साथ गलत व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। थाने में आने वाले हर व्यक्ति को तुरंत मदद मिले और ऐसा माहौल बने कि किसी को पुलिस थाने में आने में झिझक नहीं हो। “थाने में दोस्ताना माहौल और पीड़ित के प्रति नरमी, जबकि अपराधी के खिलाफ सख्ती, यही कार्यशैली अपनानी होगी।
पुलिस महानिदेशक ने पुलिस की भूमिका को केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं मानते हुए कहा कि पुलिस समाज में भरोसे और सुरक्षा का प्रतीक है। इसके लिए पारदर्शी कार्यशैली, समयबद्ध कार्रवाई और नागरिकों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनना बेहद जरूरी है।
संपर्क सभा के दौरान डीजीपी ने पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और उनके परिवारों के कल्याण को भी प्राथमिकता में बताया। उन्होंने कहा कि मेरे द्वार हमेशा खुले हैं, जवान बिना संकोच अपनी बात रख सकते हैं। इस दौरान आइजी ओमप्रकाश, एडीजी विपिन कुमार पांडे, डीआइजी राष्ट्र कुंवरदीप और बीकानेर एसपी मृदुल कछावा मौजूद रहे।
इससे पहले डीजीपी ने पुलिस लाइन में आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन किया और डॉक्टरों से उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने पुलिसकर्मियों के हेल्थ कार्ड बनाने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान मेस में भोजन की गुणवत्ता और पोषण पर विशेष जोर देते हुए बेहतर डाइट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मोटर शाखा में वाहनों की उपलब्धता और आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा पुलिस लाइन के विभिन्न कक्षों और दस्तावेजों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान एडीजी क्राइम बिपिन पांडे, आईजी ओमप्रकाश, डीआईजी कुंवर राष्ट्रदीप और पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।