
बीकानेर. जिले की सभी सात विधानसभा सीट पर कांग्रेस के ७० से अधिक दावेदार टिकट पाने के लिए आवेदन से लेकर दिल्ली-जयपुर तक की दौड़ लगा रहे है। उनके समर्थक भी टिकट की पहली सूची आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे है। इन सबके बीच कांग्रेस की पहली सूची इसी सप्ताह आने के कयासों ने कांग्रेसियों की धड़कन तेज कर दी है। जिन बड़े नेताओं की टिकट पर तलवार लटक रही है अथवा सीट बदलने के विकल्प पर भी विचार कर रहे है, उन्होंने अपनी टीम को चुनाव के लिए मैदान में भी नहीं उतारा है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के सभाओं और बैठकों में महिलाओं को तव्वजों देने, पैराशूट से किसी उम्मीदवार को नहीं उतारने और युवाओं को मौका देने जैसे बयानों से दूसरी पक्ति के कई नेता-नेत्रियों में जोश भर रखा है। वहीं पुराने और धुरंधर खिलाड़ी भी टिकट को लेकर चिंतित है। एक-दो बड़े नेता तो पाला बदलने और टिकट कटने पर निर्दलीय मैदान में उतरने के विकल्प पर भी खुद को तोल रहे है। ताकि समय आने पर कोई निर्णय लेने में आसानी रहे।
यहां एकल दावेदारी
देहात कांग्रेस के अध्यक्ष महेन्द्र गहलोत की मानें तो नोखा से रामेश्वर डूडी और श्रीकोलायत से भंवर सिंह भाटी के अलावा किसी ने अपनी दावेदारी नहीं जताई है। वहीं श्रीडूंगरगढ़, लूणकरनसर, खाजूवाला तथा बीकानेर पूर्व और पश्चिम विधानसभा से एक-एक दर्जन से अधिक दावेदारी जताने की बातें निकल कर आ रही है। दावेदारी की इस दौड़ में पिछली बार कांग्रेस के हारे विधायक भी शामिल है। राजनीतिक गलियारों और शहर के पाटों की चर्चाओं पर गौर करें तो बीकानेर पश्चिम और पूर्व विधानसभा को छोड़कर शेष श्रीडूंगरगढ़ से मंगलाराम गोदारा, नोखा से रामेश्वर डूडी, लूणकरनसर से वीरेन्द्र बेनीवाल, श्रीकोलायत से भंवर सिंह भाटी तथा खाजूवाला से गोविन्द राम मेघवाल टिकट के मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। इन सबके बीच जानकार कांग्रेस में कई नए चेहरों को उतारने की बात भी कर रहे है। बीकानेर पश्चिम और पूर्व विधानसभा में टिकट मिलने की बात को असमंजस की स्थिति से देखा जा रहा है।
राहुल गांधी से मिले कांग्रेसी नेता
सीकर में गुरुवार को कांग्रेसी नेताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान सालासर धाम के पुजारी व चूरू जिलाध्यक्ष भंवरलाल पुजारी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव जिया उर रहमान आरिफ ने सालासर बालाजी की तस्वीर व दुपट्टा राहुल गांधी को भेंट किया। इस मौके पर मक़बूल मंडेलिया, पीसीसी महासचिव मंगलाराम गोदारा
आदि मौजूद रहे।