
बीकानेर. राजनीति में कब उलटफेर हो जाए, किसी को आभास नहीं होता। श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे किसनाराम नाई की कुछ समय पूर्व भाजपा में रहते दी गई राय आज उन पर ही भारी पड़ रही है। प्रदेश में भाजपा की चुनाव पूर्व तैयारियों की रणनीति बनाते समय नाई ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को श्रीडूंगरगढ़ बुलाकर वोटों के धुव्रीकरण की राय दी थी। अब पार्टी का टिकट नहीं मिलने पर नाई ने अलग राह पकड़ रखी है।
किसनाराम ने स्वीकार भी किया कि 'जिस योगी को मैंने श्रीडूंगरगढ़ बुलाने के लिए कहा, आज वही मेरे सामने हैं। किसनाराम ने कहा कि जिस भाजपा को उन्होंने खून-पसीने से सींचा, आज उसी की जड़ें काटने को मजबूर हैं। उन्होंने दुख जताया कि मतदाता जिसकी शक्ल और फूल को एक मानते हैं, उसी किसनाराम को भारत वाहिनी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में देख रहे हैं।
राजनीतिक सक्रियता
किसनाराम नाई अब भले ही भाजपा से छह साल के लिए निष्कासित हैं, लेकिन कभी वे भैरोंसिंह शेखावत के दाएं हाथ रहे थे। उनकी राजनीतिक सक्रियता की छाप चूरू जिले में भाजपा की जड़े जमाने के रूप में देखी जाती रही है। चूरू में राजेन्द्र सिंह राठौड़ और राम सिंह कस्वां को भाजपा में लाने का श्रेय भी उन्हीं को है।