बीकानेर

VIDEO : राजस्थान पत्रिका की जागो जनमत यात्रा : बीकानेर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत विकास हो, रेल फाटक की समस्या हल हो

बीकानेर. राजस्थान पत्रिका की जागो जनमत यात्रा मंगलवार सुबह बीकानेर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में पहुंची। पब्लिक पार्क क्षेत्र में मतदाताओं को शतप्रतिशत मतदान के लिए जागरूक किया और आमजन को फेक न्यूज के बारे में जानकारी दी।

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Nov 21, 2018
Rajasthan Patrika Jago Janmat Yatra


बीकानेर. राजस्थान पत्रिका की जागो जनमत यात्रा मंगलवार सुबह बीकानेर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में पहुंची। पब्लिक पार्क क्षेत्र में मतदाताओं को शतप्रतिशत मतदान के लिए जागरूक किया और आमजन को फेक न्यूज के बारे में जानकारी दी। पत्रिका प्रतिनिधि ने इलाके की समस्याओं पर जन एजेंडा २०१८-२३ को जनता के सामने रखा। इस पर आमजन ने सुझाव देते हुए विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं, मुद्दों पर बेबाकी से अपना पक्ष रखा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने फेक न्यूज को आगे प्रसारित नहीं करने, ७ दिसम्बर को मतदान करने की शपथ ली। साथ ही संकल्प पत्र भी भरे।

बीकानेर पूर्व के मुद्दे
बीकानेर पूर्व में मेगाफूड पार्क बनाने, नए आबाद क्षेत्रों में आधारभूत संसाधनों का विकास करने, कॉलोनियों में सड़कें, पार्क, खेल मैदान, नए स्कूल-कॉलेज खोलने जैसे मुद्दे प्राथमिकता से सामने आए। वहीं पीबीएम अस्पताल में चिकित्सा संसाधनों में और सुधार की बात सामने आई। संवाद के दौरान स्कूलों में शिक्षा प्रणाली में सुधार की बात प्रमुखता से उठाई गई। साथ ही बीकानेर में हाईकोर्ट की बेंच खोलने, एलीवेेटेड रोड बनाने, उच्च शिक्षण संस्थान, औद्योगिक विकास और आधारभूत संसाधनों के विकास पर जोर दिया गया।

फेक न्यूज से रहें सावधान
राजस्थान पत्रिका के फेसबुक के साथ संयुक्त रूप से चल रहे 'शुद्ध का युद्धÓ अभियान में युवाओं व आमजन को बताया गया कि फेक न्यूज आकर्षक तरीके से परोसकर जनता को भ्रमित करने का काम किया जाता है। ऐसी खबरों से पाठकों को सावधान रहने की जरूरत है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली खबरों के यूआरएल की ठीक से जांच जरूरी है। पाठक खबरों की विश्वसनीयता के लिए इसकी प्रमाणिकता और स्रोत को जांच लें। खबर के गठन और ले आउट से भी फर्जी खबरें पकड़ी जा सकती हैं। इसकी प्रमाणिकता पर ध्यान देना चाहिए। समाचारों की तारीख और प्रमाणों पर ध्यान देने से फर्जी खबरें पकड़ में आ जाती हैं। ऐसे समाचारों को अन्य स्रोतों से पुख्ता किया जा सकता है। कभी-कभी जानबूझ कर झूठी खबरे जारी की जाती हैं। ऐसी खबरों की सत्यता की जांच के जांच के बाद ही विश्वास किया जाना चाहिए।

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Published on:
21 Nov 2018 10:35 am
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