राजस्थान रोडवेज की बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद चौंकाने वाली और सतर्क करने वाली खबर सामने आई है। प्रदेश की जीवनरेखा कही जाने वाली राजस्थान रोडवेज में 'अंदरूनी सेंधमारी' का एक ऐसा मामला पकड़ा गया है, जिसने विभाग के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है।
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) में भ्रष्टाचार और तकनीकी फर्जीवाड़े का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बीकानेर-जयपुर रूट पर चल रही एक रोडवेज बस में चेकिंग के दौरान पाया गया कि बस सारथी यात्रियों को रोडवेज की आधिकारिक ईटीएम (ETM) मशीन के बजाय किसी बाहरी गुप्त डिवाइस से टिकट जारी कर रहा था। इस खुलासे के बाद रोडवेज महकमे में हड़कंप मच गया है और यह अंदेशा जताया जा रहा है कि यह फर्जीवाड़ा लंबे समय से और बड़े स्तर पर चल रहा था।
यह पूरी कार्रवाई बीकानेर आगार की मुख्य प्रबंधक इंद्रा गोदारा और सह प्रशासनिक अधिकारी उर्मिला राजपुरोहित के नेतृत्व में की गई।
जांच में आरोपी बस सारथी की पहचान अंकित बिश्नोई (निवासी अलाय, नागौर) के रूप में हुई है। पूछताछ और जांच में सामने आया कि अंकित ने रोडवेज द्वारा उपलब्ध करवाई गई आधिकारिक ईटीएम मशीन को एक तरफ रख दिया था।
प्रारंभिक जांच में उन रूट्स का खुलासा हुआ है जहां यह फर्जीवाड़ा सबसे ज्यादा सक्रिय था। पकड़े गए 10 यात्रियों में महिला और पुरुष दोनों शामिल थे, जिनके पास निम्नलिखित रूट्स के फर्जी टिकट मिले:
रोडवेज प्रबंधन के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि वह 'बाहरी डिवाइस' कौन सा था? क्या यह कोई मोबाइल ऐप था या कोई पोर्टेबल प्रिंटर जिसे रोडवेज के सॉफ्टवेयर जैसा बनाया गया था?
आगार प्रबंधक इंद्रा गोदारा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी अंकित बिश्नोई के खिलाफ नोखा थाने में आपराधिक मुकदमा दर्ज करवा दिया है।