बीकानेर

संत समागम में शिरकत करेंगी हस्तियां

नोखा. सीलवा-मूलवास स्थित पदम पैलेस में गोसेवी पदमाराम कुलरिया परिवार की ओर से १० से १८ नवंबर तक भव्य स्तर पर श्रीरामकथा का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है। श्रीराम कथा के दौरान कथा प्रेमियों के बैठने के लिए विशाल वाटरप्रुफ पांडाल लगाया जा रहा है।

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Oct 29, 2018
Religious program
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नोखा. सीलवा-मूलवास स्थित पदम पैलेस में गोसेवी पदमाराम कुलरिया परिवार की ओर से १० से १८ नवंबर तक भव्य स्तर पर श्रीरामकथा का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है। श्रीराम कथा के दौरान कथा प्रेमियों के बैठने के लिए विशाल वाटरप्रुफ पांडाल लगाया जा रहा है।

महाप्रसाद व्यवस्था के लिए अलग से पांडाल बनाया जा रहा है। कथा में आने वाले श्रद्धालुओं के चाय-पानी की व्यवस्था के लिए भी अलग से टैंट लगाया जा रहा है। बाहर से आने वाले अतिथियों के वाहनों की सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था की जा रही है। रविवार को गोसेवी पदमाराम कुलरिया ने रामकथा को लेकर चल रही तैयारियों का जायजा लिया और काम में लगे कार्मिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

ये संत-महात्मा आएंगे सीलवा
सीलवा में श्रीरामकथा का वाचन कथा व्यास मुरलीधर महाराज जोधपुर करेंगे। कथा के दौरान संत समागम में देश के आध्यात्मिक क्षेत्र की कई हस्तियां शिरकत करेंगी। गोसेवी पदमाराम कुलरिया के पुत्र कानाराम-शंकर-धर्म कुलरिया ने बताया कि संत समागम में योग गुरु बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, परमार्थ निकेतन आश्रम ऋषिकेश के अधिष्ठाता चिदानंद सरस्वती, जाने-माने कथा प्रवक्ता रमेश भाई ओझा, पीठाधीश्वर गुरुशरणानंद, जगदगुरु रामानंदाचार्य हंसदेवाचार्य महाराज, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि महाराज, मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्रदास सहित अन्य कई महंत-पीठाधीश्वर एवं प्रमुख साधु-संतों ने रामकथा में पहुंचने की स्वीकृति प्रदान की है। श्रीबालाजी सेवा धाम के अधिष्ठाता संत बजरंगदास महाराज, संवित सोमगिरी महाराज, भागवताचार्य कन्हैयालाल पालीवाल प्रभुप्रेमी, परमहंस रामप्रसाद महाराज, कथा प्रवक्ता श्रीराधाकृष्ण महाराज, नंदनवन गोशाला गडिय़ाला के अधिष्ठाता एवं कथा प्रवक्ता सुखदेव महाराज भी संत समागम में पहुंचेंगे।

सैकड़ों बसों की रहेगी व्यवस्था
श्रीराम कथा में दूर-दराज से आने वाले कथा प्रेमियों के आवागमन के लिए सैकड़ों बसों की व्यवस्था की जाएगी। बीकानेर, नागौर और चूरू जिले के मुख्य स्थानों से कथा प्रेमियों को कथा स्थल तक लाने के लिए बसों की व्यवस्था रहेगी।

Published on:
29 Oct 2018 01:40 pm