
बीकानेर. शरद पूर्णिमा पर दो दिवसीय उत्सव मनाया जाएगा। कई स्थानों पर मंगलवार को और कई जगह बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन विशेष अनुष्ठान, रघुनाथ मंदिर में बुधवार को कृष्ण रासलीला होगी। हनुमान मंदिरों में खीर का प्रसाद चढ़ाया जाएगा। घरों में भी खीर, चीनी से बनी बड़क और ऋतु फल मतीरे को खुले आसमान में चांदनी रात में रखा जाएगा। कुछ स्थानों पर औषधीय खीर का वितरण भी किया जाएगा।
मेला आज : श्रीबजरंग धोरा धाम पूगल रोड बीकानेर में मंगलवार को शरद पूर्णिमा का मेला लगेगा। बजरंग धोरा मंदिर के प्रधान पुजारी ओमप्रकाश दाधीच ने बताया कि रात 12 बजे महाआरती के बाद बाबा के ४२१ किलो खीर का भोग लगाया जाएगा। छप्पन भोग चढ़ाया जाएगा। समिति अध्यक्ष मनमोहन दाधीच ने बताया कि इस दौरान हनुमान प्रतिमा का विशेष शृंगार किया जाएगा। मेले में लक्ष्मण पारीक एंड पार्टी द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी।
यह है खास महत्व
पंचागकर्ता पंडित राजेन्द्र किराड़ू के अनुसार बुधवार को चंद्र उदय व्यापिनी पूर्णिमा है, इस कारण शरद उत्सव के लिए श्रेष्ठ दिन है। शास्त्रों में बताया गया है कि इस दिन रात्रिकालीन चंद्रोदय पूर्णिमा के दिन इन्द्र, लक्ष्मी व चंद्रमा का पूजन करना चाहिए। श्रीमद् भागवत महा पुराण में वर्णित है कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने ब्रज में रासलीला रची थी।
ज्योतिष मान्यतानुसार इस दिन चंद्रमा पूर्ण कलाओं से युक्त होता है और चंद्र रश्मियों से अमृत बरसता है। इसी कारण खीर, चीनी से बनी बड़क व मतीरा खुले आसमान के नीचे चंद्रमा की रोशनी में रखने की परम्परा है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसता है।