स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर निगम लगातार फिसड्डी साबित होता जा रहा है। पिछले चार वर्षों में शहर की स्वच्छता रैंकिंग लगातार गिरती जा रही है। गत वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंकिंग का आंकड़ा तीन सौ को भी पार कर 342 तक पहुंच चुका है। निगम ने इस बार स्वच्छता रैंकिंग में सुधार के लिए परियोजना कार्यान्वयन इकाई (पीआईयू) की मदद से रैंकिंग में सुधार की कवायद शुरू की है।इसके तहत न केवल शहर में विभिन्न गतिविधियां होंगी, बल्कि आमजन को जागरूक करने के साथ-साथ स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए आवश्यक दस्तावेज पोर्टल पर अपलोडिंग का कार्य भी होगा। निगम पीआईयू के माध्यम से विषय विशेषज्ञों और फील्ड स्टाफ की मदद लेगा।
बीकानेर. स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर निगम गत कई वर्षों से फिसड्डी साबित हो रहा है। आलम यह है कि वह टाप-टेन, 50 या हंड्रेड तो छोड़िए, तीन सौ के आंकड़े को भी पार कर चुका है। अब रैंकिंग सुधार के लिए निगम ने परियोजना कार्यान्वयन इकाई (पीआईयू) की मदद से रैंकिंग में सुधार की कवायद शुरू की है। इसके तहत न केवल शहर में विभिन्न गतिविधियां होंगी, बल्कि आमजन को जागरूक करने के साथ-साथ स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए आवश्यक दस्तावेज पोर्टल पर अपलोडिंग का कार्य भी होगा। निगम पीआईयू के माध्यम से विषय विशेषज्ञों और फील्ड स्टाफ की मदद लेगा। इसके लिए फर्म के माध्यम से चार एक्सपर्ट और आठ फील्ड स्टाफ की सेवाएं ली जाएंगी। इसकी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
पीआईयू के तहत नगर निगम फर्म के माध्यम से 12 कर्मचारी लेगा। इनमें चार एक्सपर्ट और आठ फील्ड स्टाफ होंगे। ये स्वच्छता सर्वेक्षण और स्वच्छता संबंधित गतिविधियां सुनिश्चित करेंगे। वहीं स्वच्छता सर्वेक्षण की पोर्टल पर कार्य, गतिविधियां, फोटो आदि अपलोड का भी कार्य करेंगे। प्रायोगिक तौर पर निगम एक बार दो माह के लिए इनकी सेवाएं लेगा। एसबीएम के आईइसी घटक बजट से इनका भुगतान होगा व निगम पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
दो माह चलेंगी गतिविधियां
नगर निगम पीआईयू के माध्यम से फरवरी और मार्च दो महीनों में विभिन्न गतिविधियों और कार्यों का संचालन करेगा। निगम की स्वच्छ भारत मिशन शाखा के साथ पीआईयू कार्य करेगा। पीआईयू के माध्यम से होने वाले कार्यों और गतिविधियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है।
यह होंगे कार्य
निगम पीआईयू के माध्यम से विभिन्न गतिविधियों का संचालन करेगा। आयुक्त के अनुसार वेस्ट कलेक्शन एवं सेग्रीकेशन की जानकारी, स्कूलों-कॉलेजों में स्वच्छता संबंधित कार्यक्रम, निगम स्टाफ को स्वच्छता संबंधित ट्रेनिंग देना, वार्डों में स्वच्छता सभाएं आयोजित करना, पोर्टल मैनेजमेंट, सोशल मीडिया मैनेजमेंट, गीले कचरे से खाद बनाने के लिए होटलों को जागरुक करना, एसबीएम की गाइड लाइन अनुसार निर्धारित मानकों के अनुसार ब्रांडिंग, स्वच्छता संबंधित पोस्टर, नाम, लोगो लगवाना सुनिश्चित करना, स्वच्छता सिटी पोर्टल, स्वच्छता एप पर कपलेंट मैनेजमेंट, दैनिक और मासिक जानकारी पोर्टल पर अपलोड करना, स्वच्छता को लेकर योजना बनाना, योजना अनुसार धरातल पर कार्य सुनिश्चित करना आदि कार्य एवं गतिविधियां पीआईयू के माध्यम से की जाएंगी।
मिलेगा लाभ
पीआईयू से स्वच्छता संबंधित कार्य और गतिविधियां संचालित होंगी। एक्सपर्ट और फील्ड स्टाफ से गतिविधियां संचालित होंगी। प्रायोगिक तौर पर पहले दो महीनों के लिए पीआईयू के माध्यम से कार्य होंगे। कार्य व गतिविधियों के रिव्यु के बाद इनके कार्य समय को बढ़ाया भी जा सकता है।
- मयंक मनीष, आयुक्त, नगर निगम, बीकानेर।
स्वच्छता सर्वेक्षण में बीकानेर की रैंकिंग
वर्ष - रैंकिंग
2020 - 179
2021 - 239
2022 - 285
2023 - 342