
शहर में सड़क मरम्मत, पेचवर्क, नाली क्रॉस और सीवर मरम्मत जैसे जरूरी कार्य टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद शुरू नहीं हो सके हैं। नगर निगम ने करीब तीन सप्ताह पहले एआरसी (रेट कॉन्ट्रैक्ट) के तहत टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली, लेकिन अब तक संबंधित फर्मों को वर्क ऑर्डर जारी नहीं किए गए हैं। नतीजा यह है कि मुख्य मार्गों से लेकर गली-मोहल्लों तक गड्ढों और टूटे नाली क्रॉस की समस्या जस की तस बनी हुई है। मानसून की दस्तक के बीच यह देरी शहरवासियों की परेशानी और बढ़ा सकती है। गौरतलब है कि बरसात शुरू होने से पहले सड़क मरम्मत और पैचवर्क के लिए यह सबसे उपयुक्त समय माना जाता है, लेकिन निगम की सुस्ती के कारण काम शुरू ही नहीं हो पाया। यदि मानसून सक्रिय हो गया, तो बारिश और गीली सड़कों का हवाला देकर मरम्मत कार्य फिर टाले जाने की आशंका है। इसका सीधा असर शहर की यातायात व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा पर पड़ेगा।
गड्ढे और टूटे नाली क्रॉस बने मुसीबत
परकोटा क्षेत्र की संकरी गलियों सहित शहर के कई इलाकों में सड़कें गड्ढों से भरी हैं। जगह-जगह नाली क्रॉस टूटे या गायब हैं, जिससे पैदल राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जर्जर नालियों के कारण गंदा पानी भी सड़कों पर फैल रहा है। इसी समस्या को लेकर बुधवार को वार्ड संख्या 58 और 59 के निवासियों ने नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्य शुरू कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो निगम के शिविर स्थल पर धरना दिया जाएगा।
80 वार्ड, 10 जोन और 9 करोड़ के काम
नगर निगम ने शहर की दोनों विधानसभा क्षेत्रों के 80 वार्डों को 10 जोन में विभाजित कर सड़क मरम्मत, नाली क्रॉस और सीवर मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की है। प्रत्येक जोन में करीब 90 लाख रुपए के कार्य प्रस्तावित हैं। इस प्रकार कुल 9 करोड़ रुपए के कार्यों के टेंडर 8 जून को ही पूरे हो चुके हैं, लेकिन वर्क ऑर्डर जारी नहीं होने से एक भी काम धरातल पर शुरू नहीं हो पाया है।
शहर की अधिकांश सड़कें बदहाल
शहर की अधिकांश सड़कें किसी न किसी कारण से क्षतिग्रस्त हैं। कहीं सीवर लाइन के कार्यों के बाद गड्ढे नहीं भरे गए, तो कहीं जलदाय विभाग की पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कें उखड़ी पड़ी हैं। कई स्थानों पर सीवर चैंबर सड़क से ऊपर या नीचे होने से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। ऐसे में सड़क मरम्मत में हो रही देरी लोगों की नाराजगी का कारण बन रही है।
अधिकारी बोले…
जोनवार कार्यों के टेंडर हो चुके हैं। पत्रावलियां वर्क ऑर्डर जारी करने की प्रक्रिया में हैं। वर्क ऑर्डर जारी होते ही संबंधित फर्मों की ओर से कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।