
संवाद कार्यक्रम के दौरान
स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के गेस्ट फैकल्टी डॉ. मनोज मीणा ने नैनो टेक्नोलॉजी के जरिए सीताफल (कस्टर्ड एप्पल) के बीजों के तेल से ऐसा जैविक नैनो इमल्शन (जैविक कीटनाशक) विकसित किया है, जो संग्रहित अनाज को इल्ली, घुन और सुरसुरी जैसे नुकसानदायक कीटों से सुरक्षित रखने में प्रभावी साबित हुआ है। इस नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है और इसी उपलब्धि के आधार पर उन्हें भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय की ओर से आयोजित जनजातीय गौरव उत्सव-2026 के तहत राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष संवाद कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया। डॉ. मीणा ने बताया कि उन्होंने अपने शोध में नैनो टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए सीताफल के बीजों के तेल से नैनो इमल्शन तैयार किया। यह जैविक कीटनाशक संग्रहित अनाज को कीटों से सुरक्षित रखने में सफल रहा है। इस शोध के लिए उन्हें दो पेटेंट भी प्राप्त हो चुके हैं। उनका शोध कार्य अभियांत्रिकी महाविद्यालय, उदयपुर में डॉ. दीपक राजपुरोहित के निर्देशन में पूरा हुआ।
राष्ट्रपति से संवाद, शोध को मिली नई प्रेरणा
राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डॉ. मीणा सहित चयनित शोधार्थियों से संवाद किया। राष्ट्रपति ने नवाचार और अनुसंधान को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने तथा समाजोपयोगी शोध को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर शोधार्थियों को राष्ट्रपति भवन और राष्ट्रपति संग्रहालय का भ्रमण भी कराया गया तथा राष्ट्रपति के जीवन पर आधारित पुस्तक भेंट की गई। कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। डॉ. मीणा ने कहा कि राष्ट्रपति से संवाद का अवसर उनके लिए प्रेरणादायी रहा और इससे किसानों के हित में शोध को आगे बढ़ाने का उत्साह मिला है। उनका प्रयास विकसित तकनीक को प्रयोगशाला से खेत तक पहुंचाने का है, ताकि किसानों को सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल विकल्प उपलब्ध हो सके।
विश्वविद्यालय ने बताया गौरव का क्षण
कुलगुरु डॉ. राजेंद्र बाबू दुबे ने डॉ. मीणा की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस सफलता से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को नवाचार के लिए प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसे अनुसंधान कार्यों को और अधिक प्रोत्साहन दिया जाएगा। अनुसंधान निदेशक डॉ. एन.के. शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के लिए बेहतर संसाधन और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
Published on:
02 Jul 2026 07:04 pm
