टोंक

कर चोरों पर नोट बंदी का असर

पचास फीसदी से अधिक घटे कर चोरी के प्रकरण, दिल्ली से बीकानेर आता था कर चोरी का माल
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Updated: 21 Nov 2016, 10:51 AM IST
Income tax
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नोटबंदी के चलते कर (टैक्स) चोरों के गोरखधंधों में कमी आ चुकी है। इनके कारोबार में करीब पचास फीसदी कमी आई है। वाणिज्यिक कर विभाग के उडऩदस्तों में शामिल अधिकारियों की मानें तो आठ नवम्बर के बाद अचानक कर चोरी के प्रकरणों में गिरावट आई है।

बीकानेर में कर चोरी का अधिकांश माल नईदिल्ली से आता था लेकिन इन दिनों नई दिल्ली से कर चोरी का माल नहीं आ रहा है। वाणिज्यिक कर विभाग के सहायक आयुक्त देव कुमार ने बताया कि नोट बंदी के चलते कर चोरों की शामत आई हुई है, उन्हें नए नोट नहीं मिल रहे हैं।

एेसे में वे कर चोरी कर उंचति माल की खरीद फरोख्त नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कर चोरी में लगातार हो रही गिरावट के बावजूद फ्लाइंग दल अपनी ड्यूटी में ढिलाई नहीं बरती है।

मूंगफली सीजन पर असर

मूंगफली का सीजन होने के बावजूद कर चोरी कर खरीद-फरोख्त करने वाले कुछ लोग अभी तक शांत बैठे हुए हैं जबकि पिछले वर्ष इसी समय अवधि में मूंगफली की चरम पर खरीद हुई थी।

जानकार बताते हैं कि गत वर्ष प्रतिदिन दो से तीन ट्रक तो कर चोरी के रूप में पकड़े जाते थे। जिससे सहज ही खरीद का अनुमान लगाया जा सकता है लेकिन वर्तमान में नोटबंदी के चलते यह कारोबार ठप पड़ा है।

पिछले माह हुई थी 55 लाख की वसूली

वाणिज्यिक कर विभाग के आंकड़ों को देखें तो अक्टूबर 2016 में करीब 55 लाख रुपए के जुर्माने की वसूली की गई थी। हालांकि नवम्बर माह के प्रथम सप्ताह तक करीब 25 लाख रुपए की जुर्माना वसूली विभाग कर चुका था,

लेकिन इसके बाद जुर्माने की राशि में लगातार गिरावट होने लगी। कर चोरी में लिप्त गिरोह वर्तमान में भूमिगत हो चुके हैं। ज्ञात हो कि दिल्ली से बीकानेर ड्राईफ्रूट्स, किराना सामान, इलेक्ट्रोनिक्स तथा खिलौने और कपड़ों को कर चोरी के माध्यम से बीकानेर सहित अन्य जिलों में भेजा जाता है।

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