
केंद्रीय बस स्टैंड की बदहाल व्यवस्थाओं पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को जिला कलक्टर निशांत जैन ने खुद केंद्रीय बस स्टैंड का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अगले 15 दिनों में बस स्टैंड की तस्वीर बदली हुई नजर आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित अवधि के बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा और सुधार नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। निरीक्षण की शुरुआत जिला कलक्टर ने टिकट खिड़की से की। यहां बसों के संचालन और टिकट व्यवस्था की जानकारी लेने के बाद उन्होंने पूरे परिसर का पैदल निरीक्षण किया। इस दौरान जगह-जगह फैली गंदगी, अपर्याप्त सफाई व्यवस्था और यात्री सुविधाओं की कमी पर नाराजगी जताई।
डस्टबिन बढ़ाने और नियमित सफाई के निर्देश
जिला कलक्टर ने अधिकारियों को बस स्टैंड परिसर में पर्याप्त संख्या में डस्टबिन लगाने तथा नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रियों को स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान दुकानों के बाहर रखा सामान देखकर जिला कलक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने दुकानदारों को तत्काल सामान दुकान के भीतर रखने और सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने पूछताछ कक्ष का भी निरीक्षण किया और निर्देश दिए कि यह हर समय सक्रिय रहे। यात्रियों को बसों के समय, रूट और गंतव्य की सही एवं त्वरित जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
15 दिन बाद फिर होगी समीक्षा
निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि 15 दिन बाद फिर से व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए बस स्टैंड की व्यवस्थाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। इस दौरान उपखंड अधिकारी महिमा कसाना और रोडवेज डिपो प्रबंधक इंदिरा गोदारा भी मौजूद रहीं।
पत्रिका की खबर का असर
राजस्थान पत्रिका ने सोमवार के अंक में 'शाम ढलते ही अंधेरे, उखड़ी सड़कें और कब्जे से जूझ रहे यात्री' शीर्षक से केंद्रीय बस स्टैंड की बदहाल स्थिति को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर के प्रकाशन के कुछ ही घंटों बाद जिला कलक्टर ने मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए सख्त निर्देश जारी किए।