
खाजूवाला. अनूपगढ़ शाखा में चार में से दो समूह में सिंचाई पानी व विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी संख्या में किसानों ने उपखंड कार्यालय पर शुक्रवार को पूर्व संसदीय सचिव गोविन्दराम मेघवाल के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया तथाा उपखण्ड अधिकारी व सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियन्ता को ज्ञापन दिया।
इस अवसर पर सरकार के खिलाफ आक्रोश रैली निकाली गई जो पुलिस चौराहे, सब्जी मंडी, सोसायटी रोड, नई मंडी रोड़ होते हुए सिंचाई विभाग कार्यालय पहुंची। यहां अधीक्षण अभियंता छतरगढ़ हरितलाल मीणा को ज्ञापन सौंपकर किसानों ने चेतावनी दी कि यदि चार में से दो ग्रुप पानी नहीं चला तो दो दिसम्बर को उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
पूर्व संसदीय मेघवाल ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य व केंद्र में भाजपा की सरकार बनी चार साल हो गए है। इस सरकार द्वारा देश में जाति व सांप्रदायिकता के नाम पर दंगे भड़का कर लोगों को मरवाने का काम किया जा रहा है। नोटबंदी व जीएसएस से हर वर्ग परेशान हैं। किसान कर्ज से परेशान रोजाना आत्महत्या कर रहे हैं लेकिन सरकार किसान का कर्जा माफ नहीं कर रही है।
मेघवाल ने कहा कि राजस्थान में सरकार बनने के बाद किसानों को मिलने वाली सब्सिडी बंद कर दी। रावला, घड़साना व खाजूवाला में किसान पिछले 15 दिन से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन पोंग डैम में पर्याप्त पानी होने के बाद भी नहरों मंे 4 में से 2 समूह में नहीं दिया जा रहा है। पानी के बिना फसलें नष्ट हो रही है। इससे किसानों में सरकार के प्रति आक्रोश है।
स्थानीय जनप्रतिनिधि खाजूवाला विधानसभा क्षेत्र में किसानों को पानी या समर्थन मूल्य दिलाने में असफल है। धरने को प्रधान सरिता चौहान, भागीरथ ज्याणी, जगदीश सियाग, रघुवीर ताखर, पदमाराम चौहान, मनीराम गोदारा, रामप्रताप भादू, सहीराम, खलील बलोच, रामकुमार तेतरवाल आदि ने संबोधित किया। धरना स्थल पर धीरेन्द्र मिश्रा तथा पप्पु मास्टर ने मंच संचालन कर सरकारी नीतियों का विरोध किया।
पुलिस रही मुस्तैद
शुक्रवार को उपखण्ड कार्यालय के सामने धरने को लेकर खाजूवाला, दंतौर, पूगल तथा छतरगढ़ थानों की पुलिस तैनात रही। यहां से बाजार में रैली के समय भी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था संभाल रखी।
किसान रवाना
छतरगढ़. खाजूवाला में शुक्रवार से प्रस्तावित किसान महासम्मेलन में शामिल होने के लिए छतरगढ कस्बे से किसान रवाना हुए। उपसरपंच प्रतिनिधि किशनलाल मेघवाल के नेतृत्व में गिरधारीलाल, सफी मोहम्मद, जसवीरसिंह, छोटूराम, लेखराम, पूनमाराम सहित बड़ी संख्या किसान रवाना हुए।