
महाजन. शेरपुरा गांव में नवनिर्मित ३३ केवी जीएसएस रेतीले धोरों के बीच होने से परेशानी बढ़ रही है। जीएसएस तक पक्का रास्ता तक नहीं होने से ३३ केवी का मुख्य ट्रांसफार्मर ग्रेवल तीन दिन सड़क किनारे पड़ा रहा। गौरतलब है कि करीब ६ साल पहले शेरपुरा में ३३ केवी जीएसएस स्वीकृत किया गया था। कई अड़चनों के चलते जीएसएस का निर्माण लम्बे समय तक अटका रहा। करीब तीन माह पहले जीएसएस का निर्माण प्रारम्भ किया गया।
फाउंडेशन आदि ढांचा तैयार होने के बाद तीन दिन पहले जीएसएस के लिए बीकानेर से मुख्य ट्रांसफार्मर शेरपुरा भेजा गया लेकिन जीएसएस तक पक्का रास्ता नहीं होने से ट्रांसफार्मर ग्रेवल सड़क के किनारे उतारना पड़ा। हालांकि सरपंच द्वारा दो ट्रॉली ग्रेवल डलवाई गई लेकिन वह भी नाकाफी साबित हुई।
शुक्रवार को महाजन सहायक अभियंता मुकेश सत्याणी, कनिष्ठ अभियंता गजेन्द्र सिंह भाटी, महाजन जीएसएस इंचार्ज रोहिताश चौधरी आदि ने अपने स्तर पर एक निजी वाहन की व्यवस्था कर ट्रांसफार्मर फाउंडेशन तक पहुंचाया। यहां चारदीवारी का अभाव होने से कर्मचारियों को समस्या का सामना करना पड़ेगा।
पांच दिन से घरों से नहीं पहुंच रहा पानी
बज्जू. कस्बे से पांच किलोमीटर दूर मुख्य नहर की आरडी ९३१ पर जलदाय विभाग की दो डिग्गियां बनी है लेकिन पिछले पांच दिन कस्बे में पानी की आपूर्ति नही होने से आमजन परेशान है। कस्बे के लोगों ने बताया कि नहरबंदी होने के बाद नहर में अभी भी पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध है लेकिन पानी पांच-पांच दिन तक सप्लाई नही हो ऐसा भी संकट नही है। फिर भी कर्मचारी आमजन की समस्या पर ध्यान नही दे रहे हैं। जल संकट के चलते महंगे दामों पर पानी टैंकरों से मंगवाना पड़ रहा है। कस्बे के मुख्य बाजार स्थित जलदाय विभाग के बाहर बनी पशु खेळी में पिछले सात दिन से पानी नही होने से पशुधन भटक रहे है।
नील गाय को बचाया
सुरनाणा. धीरेरा के चक 351 में शनिवार को नील गाय के बच्चे को कुत्तों ने काटकर घायल कर दिया। ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को बुलाकर उसे बीकानेर पशु चिकत्सालय पहुंचाकर इलाज करवाया। इस दौरान बजरंग दल प्रखंड सयोजक नारायण सारस्वत, उपसरपंच बिशनाराम नाईक, श्रवण सिंह, भानीराम ज्याणी गंगाराम आदि मौजूद थे।