
नोखा. मध्यप्रदेश के सीताखेड़ी के रहने वाले दो भाइयों के लिए बुधवार का दिन खुशियों की सौगात लेकर आया। डेढ़ साल बाद जब बिछड़े दो भाई आपस में मिले, तो आंखों से आंसू छलके उठे और उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बाद में दोनों भाई हंसी-खुशी से गांव रवाना हुए।
अपना घर आश्रम के पदाधिकारियों ने बताया कि सीताखेड़ी निवासी दिनेश काची उर्फ अंकित पुत्र ईश्वर लाल की मानसिक हालत ठीक नहीं होने से वह घर से निकल गया था। एक जून 2021 को लावारिश हालात में मिलने पर उसे कोटा के अपना घर आश्रम में भर्ती किया गया। यहां से एक अगस्त 2022 को उसे नोखा के अपना घर आश्रम में शिफ्ट कर दिया गया। यहां इलाज के साथ सेवा करने उसकी मानसिक हालत में सुधार हुआ, तो आश्रम सेवा साथियों ने उसके परिजनों के बारे में जानकारी जुटाकर सूचित किया।
बुधवार को प्रभुजी दिनेश का छोटा भाई लाखन व जीजा भूपेंद्र उसे अपने साथ ले जाने के लिए अपना घर आश्रम में पहुंचे। लाखन ने बताया कि बड़े भाई दिनेश के घर से चले जाने के बाद उनकी खूब तलाश की, लेकिन जब वे नहीं मिले, तो परिवार वालों ने उनके जिंदा होने की आस ही छोड़ दी। जब नोखा के अपना घर आश्रम से फोन आया कि उनके भाई दिनेश जिंदा है और उनकी मानसिक िस्थति में भी सुधार है, तो परिजनों को बहुत खुशी हुई। वह उनको अपने साथ ले जाने के लिए जीजा के साथ नोखा आया है। अब उनको साथ लेकर गांव जाएंगे। उसने अपने बड़े भाई अंकित का आश्रम में उपचार कराने के साथ सेवा करने के लिए पदाधिकारियों व सेवा साथियों का आभार व्यक्त किया।