
वेरीफाइड आवेदक प्रतीक्षा सूची में
रोजगार कार्यालय
बीकनेर. प्रदेश में रोजगार कार्यालय के माध्यम से पंजीकृत स्नातक युवा बेरोजगारों को मिलने वाले भत्ते में अभी दो लाख युवा प्रतीक्षा सूची में है। उन्हें अभी अप्रूवल का इंतजार है। वहीं भत्ते की राशि बढऩे के साथ आवेदकों की सं या भी बढ़ गई है।
क्या है योजना
वर्ष 2012 में अक्षत योजना के नाम से रोजगार कार्यालय में पंजीकृत बेरोजगार स्नातकों को बेरोजगारी भत्ता देने की योजना शुरू की गई थी। इसके अंतर्गत पुरुषों को 650 रुपए प्रतिमाह एवं महिला, दिव्यांगों को 750 रुपए प्रतिमाह दो वर्ष तक दिए जाने का प्रावधान था। इसमें अधिकतम आयु सीमा पुरुष की 30 वर्ष एवं महिला, दिव्यांग आदि की 35 वर्ष थी। इसके बाद दो वर्ष पूर्व जब राज्य में कांग्रेस सरकार आई तो योजना का नाम बदलकर मुख्यमंत्री संबल योजना कर दिया। साथ ही भत्ते की पांच गुनी राशि बढ़ा दी और लाभार्थियों की सं या बढ़ाकर १६०,००० प्रतिमाह कर दी।
वर्तमान में पुरुषों को तीन हजार एवं महिला, विकलांग सहित अन्य को ३५०० रुपए प्रतिमाह भत्ता बैंक के माध्यम से दिया जा रहा है। इनके आवेदन ऑनलाइन ही लिए जाते हैं। आवेदक के परिजनों की आय भी सालाना दो लाख से कम होनी चाहिए।
यह है प्रदेश की स्थिति
प्रदेश में लगभग दो वर्ष में फरवरी २०१९ से अभी तक लगभग ७ लाख ८० हजार युवाओं ने भत्ते के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। २ लाख ४५ हजार लोगों ने इसका लाभ ले लिया है या ले रहे हैं। वहीं लगभग दो लाख बेरोजगार ऐसे हैं जो रोजगार कार्यालय से वरिफाइ हो चुके हैं। उनका जयपुर मुख्यालयसे एप्रूवल का इंतजार है।
बीकानेर में भी हजारों लाभान्वित
नई योजना के तहत बीकानेर में भी रोजगार कार्यालय के माध्यम से हजारों युवा लाभान्वित हो रहे हैं। फरवरी २०१९ से नवंबर २०२० की स्थिति देखें तो अभी तक ३००४ योग्य आवेदक को भुगतान किया गया। इनमें १८६६ पुरुष, ११३८ महिला, सामान्य व ओबीसी २६५९, एससी ३४३, एसटी २ व दिव्यांग २० थे। इन्हें कुल १४ करोड़ ९९लाख ५४ हजार २७ रुपए का भुगतार किया गया। वहीं १४ दिसंबर २०२० तक कुल आवेदकों की सं या ३६६२१ थी। इनमें २५३९१ पुरुष एवं ११२३० महिला शामिल हैं।
पूर्व योजना एवं नई योजना को शामिल करते हुए जुलाई २०१२ से नवंबर २०२० तक की बात करें तो इस दौरान ८४८४ लाभान्वित रहे। वहीं इन्हें लगभग आठ वर्ष में १७ करोड़, १६ लाख, ५४ हजार ४८ रुपए का भुगतान किया गया।
इनका कहना
इस बारे में उप क्षेत्रीय रोजगार कार्यालय के सहायक निदेशक हरगोबिंद मित्तल ने बताया कि दो वर्ष पूर्व इस योजना का नाम बदलकर मु यमंत्री युवा संबल योजना र ाा गया था। इसके अंतर्गत देय भत्ते को भी लगभग पांच गुना बढ़ाया और आवेदकों की लिमिट भी एक लाख से बढ़ाकर एक लाख साठ हजार कर दी थी। इस कारण आवेदनों की सं या भी बढ़ गई। हर माह लिमिट से ऊपर आवेदकों को लाभ नहीं दिया जा सकता। साथ ही इसमें आवेदकों का एप्रूवल जयपुर मु यालय से होता है। बहुत से आवेदन शर्तें पूरी नहीं होने पर खारिज कर दिए जाते हैं। वहीं किसी के दो वर्ष पूर्ण होने पर उसका नाम हटा दिया जाता है। यह प्रक्रिया चलती रहती है। इस कारण लाखों आवेदन अभी प्रतीक्षा सूची में चल रहे हैं।