
बीकानेर . जलदाय विभाग में वर्कचार्ज कर्मचारियों को अर्से बाद भी पदोन्नति का लाभ नहीं मिला है।बीकानेर में एेसे सैकड़ों वर्कचार्ज कार्मिक हैं, जिन्हें सरकार की घोषणा के एक साल बाद भी पदोन्नति का इंतजार है। इसमें खासतौर से बेलदार, हेल्पर, फिटर, पंप ड्राइवर, विद्युतकर्मी जैसे तकनीकी कार्मिक हैं।
बताया जा रहा है कि बीकानेर जिले में करीब पांच सौ कार्मिकों को अब तक पदोन्नति नहीं मिली है। साथ ही नियमित तकनीकी कर्मचारियों की पदोन्नति भी नहीं हो रही है।इसमें पंप ड्राइवर प्रथम, फिटर प्रथम का प्रमोशन तो हो चुका, लेकिन इनके अधीनस्थ कार्मिक वंचित हैं। ऐसे करीब साढ़े तीन सौ नियमित तकनीकी कर्मचारी हैं।
योग्य कार्मिकों को भी इंतजार
विभाग में कार्यरत उच्च शिक्षित व योग्यता वाले तकनीकी कर्मचारियों को स्टोर मुंशी के पद पर पदोन्नति का इंतजार है। इसको लेकर हाल ही जयपुर में स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक हुई थी, लेकिन इसमें बीकानेर के कर्मचारियों की सूची शामिल नहीं की गई। सूत्रों की मानें तो विभागीय उदासीनता से बीकानेर के एेसे 47 कर्मचारी वंचित रहे गए हैं।
संगठन में आक्रोश
राजस्थान पीएचईडी तकनीकी कर्मचारी संघ (एकीकृत) ने कर्मचारियों की पदोन्नति नहीं होने पर रोष जताया है। संगठन के संभाग अध्यक्ष जयगोपाल जोशी ने बताया कि पिछले दिनों इस मांग को
लेकर संगठन स्तर पर भूख हड़ताल की गई थी, लंबे समय से इसके लिए संघर्षरत हैं। स्टोर मुंशी के पद पर बीकानेर के 47 कार्मिकों की पदोन्नति प्रस्तावित थी, लेकिन जलदाय विभाग के स्थानीय अधिकारियों की उदासीनता से ऐसे कार्मिकों की सूची स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में शामिल नहीं हो पाई।
एनआरएचएम कर्मचारियों का धरना जारी
बीकानेर. राजस्थान एनआरएचएम कर्मचारियों का धरना शुक्रवार को 65वें दिन भी जारी रहा। कर्मचारी बीपीएम, लेखाकार, डेटा एंट्री ऑपरेटर, कम्प्यूटर ऑपरेटर, आसा फेसिलियेटर, आसा सुपरवाईजर को नियमित करने एवं दर्ज मुकदमों को वापिस लेने की मांग कर रहे हैं। धरना स्थल पर हरिओम, जितेन्द्र, गिरीराज, मनु, गौरीशंकर, सीपी, सुरेश, सोम , स्वाति, सीमा, अमित, रविन्द्र, रजनीश आदि उपस्थित रहे।