World's Smallest Camel's Skin Kite: सुनहरी नक्काशी से सराबोर उस्ता कला बीकानेर की विशेष पहचान है। नगर के उस्ता कला में पारंगत कलाकारों ने इस कला को देश-विदेश तक पहुंचाकर नगर को गौरवान्वित किया है। नगर के ही उस्ता कलाकार शौकत अली उस्ता ने ऊंट की खाल पर एक गुणा एक सेंटीमीटर आकार की पतंग बनाकर उसे सुनहरी नक्काशी से तैयार किया है।
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क/बीकानेर. World's Smallest Camel's Skin Kite: सुनहरी नक्काशी से सराबोर उस्ता कला बीकानेर की विशेष पहचान है। नगर के उस्ता कला में पारंगत कलाकारों ने इस कला को देश-विदेश तक पहुंचाकर नगर को गौरवान्वित किया है। नगर के ही उस्ता कलाकार शौकत अली उस्ता ने ऊंट की खाल पर एक गुणा एक सेंटीमीटर आकार की पतंग बनाकर उसे सुनहरी नक्काशी से तैयार किया है। दावा है कि यह ऊंट की खाल पर विश्व की सबसे छोटी पतंग है।
22 कैरेट गोल्ड से तैयार:
प्रदर्शनी संयोजक अजीज भुट्टा के अनुसार, ऊंट की खाल पर बनी इस पतंग के एक तरफ 22 कैरेट गोल्ड से बीकानेर का नक्शा बनाया गया है। वहीं उस्ता कला से स्थापना दिवस लिखा गया है, जिसे लेंस के माध्यम से ही देखा जा सकता है। वहीं शौकत अली उस्ता ने एक दूसरी पतंग 21 गुणा 21 सेंटीमीटर की बनाई है। उस पर भी सुनहरी नक्काशी है। पतंग पर 22 कैरेट गोल्ड से एक तरफ देशनोक करणीमाता का चित्र व जूनागढ़ किला उकेरा गया है। दूसरी तरफ उस्ता कला में ऊंट उकेरा गया है।
16 घंटे में लेंस की मदद से की तैयार:
उस्ता कलाकार शौकत अली उस्ता के अनुसार, एक सेंटीमीटर आकार की इस पतंग को दो दिनों में करीब 16 घंटे में तैयार किया गया है। पतंग का आकार बहुत छोटा होने के कारण लेंस की मदद से इस पर गोल्डन नक्काशी की गई। पतंग के एक ओर सुनहरी नक्काशी अंकित है, जबकि दूसरी ओर बीकानेर का नक्शा और स्थापना दिवस लिखा गया है।
कला प्रदर्शनी में होगी प्रदर्शित:
बीकानेर नगर स्थापना दिवस के उपलक्ष्य पर 19 अप्रेल से शहर में कला प्रदर्शनी का आयोजन होगा। इस कला प्रदर्शनी में इस पतंग को प्रदर्शित किया जाएगा। आमजन इस पतंग को देख सकेंगे।