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‘गहलोत नहीं होते तो मेरी राजनीतिक हत्या हो जाती’, पूर्व मंत्री मेघवाल ने खोल दिए बीकानेर राजनीति के गहरे राज, लगाए गंभीर आरोप

Govind Meghwal: बीकानेर में कांग्रेस की गुटबाजी खुलकर सामने आई। गोविंद मेघवाल ने रामेश्वर डूडी गुट पर पार्टी को हराने का आरोप लगाया और कहा कि अशोक गहलोत नहीं होते तो उनकी 'राजनीतिक हत्या' हो जाती।

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Govind Meghwal alleges Rameshwar Dudi camp hurt Congress says Ashok Gehlot saved his political career

former Cabinet Minister Govindram Meghwal (Photo-X)

former Cabinet Minister Govind Meghwal Statement: राजस्थान के बीकानेर जिले में कांग्रेस की अंदरूनी कलह अब सड़कों पर आ गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविंदराम मेघवाल ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी के गुट पर सीधा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।

कलेक्ट्रेट के सामने आयोजित एक जनसभा में मेघवाल ने यहां तक कह दिया कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का साथ नहीं होता, तो विरोधियों ने उनकी 'राजनीतिक हत्या' कर दी होती।

डूडी गुट पर 'भीतरघात' के आरोप

सभा को संबोधित करते हुए गोविंदराम मेघवाल ने रामेश्वर डूडी समर्थकों को भाजपा की 'बी टीम' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस गुट ने पिछले कई चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशियों को हराने का सुनियोजित काम किया है।

मेघवाल ने कुछ प्रमुख उदाहरण पेश करते हुए कहा, श्रीडूंगरगढ़ में मंगलाराम गोदारा को हरवाने का प्रयास किया गया। लूणकरनसर में वीरेंद्र बेनीवाल के खिलाफ काम किया गया और लोकसभा चुनाव में रेवंतराम पंवार की हार के पीछे भी इसी गुट का हाथ था।

मेघवाल ने दावा किया कि जिन बूथों पर डूडी गुट का प्रभाव था, वहां भाजपा प्रत्याशी अर्जुनराम मेघवाल को भारी बढ़त मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी को कमजोर करने के लिए जानबूझकर कमजोर उम्मीदवार मैदान में उतारे गए।

गहलोत हमारी ताकत, उनके बिना राजनीति अधूरी

मंच से अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए मेघवाल ने अशोक गहलोत के प्रति अपनी अटूट निष्ठा जताई। सभा स्थल पर गहलोत के बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए थे। मेघवाल ने भावुक होते हुए कहा, अशोक गहलोत हमारे नेता हैं। अगर वो नहीं होते तो मेरी राजनीतिक हत्या तय थी। राजस्थान की राजनीति में गहलोत की मौजूदगी अनिवार्य है। उनके बिना प्रदेश की राजनीति कमजोर हो जाएगी।

विवादित वीडियो और AI का एंगल

हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो, जिसमें मेघवाल कथित तौर पर दिवंगत रामेश्वर डूडी और बीडी कल्ला के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर रहे थे, उस पर उन्होंने सफाई दी।

मेघवाल ने एक बार फिर दोहराया कि वह वीडियो फर्जी है और एआई तकनीक के जरिए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि विरोधी उन्हें बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं, जिसका वह डटकर मुकाबला करेंगे।

क्या है विवाद की जड़?

विवाद की शुरुआत छत्तरगढ़ में एक जागरण के बाद सामने आए उस वीडियो से हुई थी, जिसके बाद डूडी समर्थकों और यूथ कांग्रेस ने मेघवाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इसके विरोध में रविवार को मेघवाल ने जनसभा बुलाकर शक्ति प्रदर्शन किया।