
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को अपनी चर्चित सोशल मीडिया सीरीज 'इंतजारशास्त्र' का 15वां चैप्टर रिलीज किया। इस बार उन्होंने जोधपुर की प्रतिष्ठित सुमेर लाइब्रेरी का मुद्दा उठाते हुए एक वीडियो साझा किया है। गहलोत का आरोप है कि कांग्रेस सरकार ने इस लाइब्रेरी को आधुनिक ई-लाइब्रेरी बनाने का जो सपना देखा था, उसे भाजपा सरकार अपनी 'अदूरदर्शिता' और 'नीयत की कमी' के कारण कुचल रही है।
अशोक गहलोत ने अपने पोस्ट में खुलासा किया कि सुमेर लाइब्रेरी को हाईटेक बनाने के लिए 7.96 करोड़ रुपये की लागत से एक शानदार नया भवन बनकर तैयार हो चुका है। हालांकि, भवन तैयार होने के बावजूद इसे युवाओं के लिए नहीं खोला जा रहा है। गहलोत ने सवाल उठाया कि जब ढांचा खड़ा है, तो फिर युवाओं को अंदर जाने से क्यों रोका जा रहा है?
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने मात्र फर्नीचर और अंतिम फिनिशिंग के बजट को रोक रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामूली फंड की कमी दिखाकर एक बड़े प्रोजेक्ट को ठप कर दिया गया है। गहलोत ने तंज कसते हुए पूछा— "आखिर भाजपा को शिक्षा और ज्ञान से इतना परहेज क्यों है?"
जोधपुर की सुमेर लाइब्रेरी केवल एक पुस्तकालय नहीं, बल्कि पश्चिमी राजस्थान की एक ऐतिहासिक विरासत है। कांग्रेस सरकार ने इसे आधुनिक सुविधाओं और ई-लाइब्रेरी के रूप में पुनर्जीवित करने की योजना बनाई थी। गहलोत के अनुसार, भवन का तैयार होना इस बात का प्रमाण है कि काम लगभग पूरा था, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद इसे 'कोल्ड स्टोरेज' में डाल दिया गया है।
गहलोत ने कहा कि जोधपुर के हजारों छात्र जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, वे इस आधुनिक लाइब्रेरी का इंतजार कर रहे हैं। भाजपा सरकार की 'राजनीतिक द्वेष' की भावना के कारण छात्र अब सड़कों पर या कम सुविधाओं वाले केंद्रों में पढ़ने को मजबूर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग की है कि इस 'इंतजार' को खत्म कर तुरंत बजट जारी किया जाए।
'इंतजारशास्त्र' सीरीज के माध्यम से गहलोत हर दिन एक नया 'चैप्टर' खोल रहे हैं। विपक्ष इसे सरकार की 'काम रोको' नीति के रूप में पेश कर रहा है, जिससे प्रदेश भर के युवाओं में चर्चा तेज हो गई है।
Updated on:
06 Apr 2026 12:11 pm
Published on:
06 Apr 2026 12:11 pm
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