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Anu Meena Case : मृत अनु को CPR देकर ज़िंदा करने की कोशिश, सामने आया वीडियो

जयपुर के अनु मीणा सुसाइड केस में एक और रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो लीक, फंदे से उतारकर मृत अनु को CPR देने का लाइव मंजर। इधर ACP आदित्य काकड़े का बड़ा बयान, XEN का आलीशान घर सील। पढ़ें।
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जयपुर

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Nakul Devarshi

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Updated: 26 May 2026, 10:28 AM IST

Jaipur Anu Meena Suicide Case

Jaipur Anu Meena Suicide Case

राजस्थान के अनु मीणा सुसाइड मिस्ट्री में आज (25 May) को एक ऐसा नया वीडियो साक्ष्य सामने आया है, जिसे देखने की हिम्मत कोई कमजोर दिल वाला इंसान नहीं कर सकता। जयपुर के मानसरोवर मुहाना थाना क्षेत्र में 7 अप्रैल 2026 को जो खौफनाक दास्तान लिखी गई थी, उसकी परतें अब एक-एक कर उतर रही हैं। पहले जहां शराब के नशे में धुत PWD के अधिशासी अभियंता (XEN) पति गौतम मीणा द्वारा मुक्का मारकर महंगी एलईडी टीवी तोड़ने और अपने 10 साल के मासूम बच्चे के सामने अनु को बेरहमी से पीटने का सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ था, वहीं अब सीधे अनु की मौत के ठीक बाद का सबसे वीभत्स और रूह कंपा देने वाला वीडियो लीक हो गया है। इस वीडियो में अनु का निष्प्राण शरीर जमीन पर पड़ा है और परिवार के लोग चीखते-चिल्लाते हुए उसे बचाने की एक आखिरी बेबस कोशिश कर रहे हैं।

क्या है नए 'CPR वीडियो' की इनसाइड स्टोरी?

यह नया वीडियो क्लिप अदालत में आरोपी पति गौतम मीणा को उम्रकैद या सख्त से सख्त सजा दिलाने में सबसे अहम कड़ी साबित होने जा रहा है। यह वीडियो साबित करता है कि 7 अप्रैल की रात को घर के भीतर किस कदर कोहराम मचा हुआ था।

फंदे से आनन-फानन में उतारा गया: 7 अप्रैल को जब अनु ने अपने हैवान पति को लाइव वीडियो कॉल पर रखते हुए फांसी के फंदे को गले लगा लिया था, तो कमरे का दरवाजा तोड़कर घरवालों ने अनु को तुरंत फंदे से नीचे उतारा।

सांसें लौटाने की वो नाकाम CPR : वीडियो में साफ दिख रहा है कि अनु के शरीर में कोई हलचल नहीं है।घबराए हुए परिजन अनु की छाती को बार-बार अपने हाथों से दबा रहे हैं यानी मेडिकल भाषा में सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) देकर उसके फेफड़ों और दिल को दोबारा चालू करने की बेहद दर्दनाक कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अफसोस, अनु इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह चुकी थी और यह कोशिश नाकाम साबित हुई।

अब तक की पुलिसिया कार्रवाई का पूरा ब्योरा

इस नए विचलित करने वाले वीडियो के सामने आने के बाद जयपुर के मानसरोवर संभाग के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) आदित्य काकड़े खुद मीडिया के सामने आए और उन्होंने इस हाई-प्रोफाइल केस में अब तक की गई पुलिसिया प्रोग्रेस और कानूनी अड़चनों का पूरा सांख्यिकीय और तथ्यपरक विवरण प्रस्तुत किया।

एसीपी आदित्य काकड़े ने बताया कि मामले में जांच लगातार जारी है। जिस घर में अनु ने सुसाइड किया था, FSL टीम से जांच कराए जाने के बाद घर को सील कर दिया गया है। परिवादी यानी पीड़ित पक्ष का बयान दर्ज हो चुका है, आरोपियों को नोटिस जारी किया गया है। हालांकि नोटिस अभी तामील नहीं हो पाया है। आरोपी लगातार फरार चल रहा है। आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि 7 अप्रैल को खुदकुशी के बाद अनु के शव का पोस्टमार्टम कराया गया था, पोस्टमार्टम में वजह हैंगिंग आई थी, परिवार वालों ने उस वक्त कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। 15 मई को शिकायत मिलते ही केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। पति गौतम के अवैध संबंधों के बारे में भी अनु के परिवार वालों ने जानकारी दी है, इस एंगल पर भी जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि पति गौतम मीणा फरार है, पुलिस का संपर्क नहीं हो पा रहा है। उसका बयान दर्ज करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिवार वालों ने खुद ही इस मामले में देर से केस दर्ज कराया था।

आखिर अनु के परिवार ने क्यों दर्ज कराया था देर से मुकदमा?

कई लोग यह सवाल उठा रहे थे कि अगर अनु ने 7 अप्रैल को सुसाइड किया था, तो भाई नीरज मीणा और मां माया देवी ने 15 मई को यानी करीब 38 दिन बाद मुकदमा क्यों दर्ज कराया? इस कानूनी और मानवीय पहलू का जवाब भी एसीपी आदित्य काकड़े की जांच में साफ हो गया है।

अकल्पनीय मानसिक सदमा और समाज का डर: अनु के माता-पिता और भाई पहले ही बेहद साधारण पृष्ठभूमि के हैं। गौतम के माता-पिता का पहले ही देहांत हो चुका था, इसलिए अनु का पूरा ससुराल गौतम ही था। बेटी की अचानक इस तरह की खौफनाक मौत के बाद पूरा पीहर पक्ष भयंकर डिप्रेशन और गहरे मानसिक सदमे में चला गया था। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि दो छोटे अनाथ हो चुके बच्चों को कैसे संभालें।

मोबाइल फोन का राज देर से खुला: सबसे बड़ी वजह यह थी कि वारदात के बाद अनु का स्मार्टफोन पीहर पक्ष के पास ही एक अलमारी में बंद पड़ा था। किसी ने सदमे के कारण उसे ऑन नहीं किया था। जब 15 मई के आसपास भाई नीरज ने अनु के मोबाइल को ऑन किया और उसके डिलीटेड डेटा व गैलरी को खंगाला, तब जाकर घर के अंदर लगे सीसीटीवी के वो फुटेज और वीडियो कॉल की क्लिपिंग सामने आई जिसने उनके पैरों तले जमीन खिसका दी। इसके तुरंत बाद परिवार बिना एक मिनट गंवाए मुहाना थाने पहुंचा और एफआईआर दर्ज कराई।

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