5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan BJP : वसुंधरा राजे के बाद अब ये ‘ठिकाना’ हुआ सीएम भजनलाल का, जानें क्या है ये नया बदलाव?

जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का अपना एक स्थाई ठिकाना होगा। मुख्यमंत्री बनने के सवा दो साल से अधिक समय के बाद, पार्टी मुख्यालय में उनके लिए एक विशेष कक्ष आरक्षित किया गया है, जिसकी चर्चा पूरे गलियारे में हो रही है।

3 min read
Google source verification

राजस्थान की राजधानी जयपुर के सरदार पटेल मार्ग स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का अपना एक आधिकारिक कक्ष तैयार हो गया है। मुख्यालय के 'कमरा नंबर-5' के बाहर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम की पट्टिका लगा दी गई है। दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री बनने के लगभग ढाई साल (दिसंबर 2023 से अब तक) के लंबे अंतराल के बाद पार्टी कार्यालय में सीएम के लिए यह व्यवस्था की गई है।

कमरा नंबर-5: वसुंधरा राजे की विरासत से भजनलाल के दौर तक

भाजपा मुख्यालय का यह कमरा नंबर-5 हमेशा से 'पावर सेंटर' रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जब सत्ता में थीं या संगठन में सक्रिय थीं, तब इसी कक्ष का उपयोग किया करती थीं। लंबे समय तक यह कक्ष उन्हीं के नाम से पहचाना जाता था। अब इस कक्ष का मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के लिए आरक्षित होना, पार्टी के भीतर बदलते समीकरणों और नई व्यवस्था का संकेत माना जा रहा है।

कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से मेल-मुलाकात का नया केंद्र

मुख्यमंत्री का शेड्यूल बेहद व्यस्त रहता है, लेकिन संगठन के व्यक्ति होने के नाते भजनलाल शर्मा अक्सर भाजपा मुख्यालय आते रहते हैं।

  • सीधी चर्चा: अब जब भी मुख्यमंत्री पार्टी कार्यालय आएंगे, वे इसी कक्ष में बैठकर प्रदेशाध्यक्ष, अन्य पदाधिकारियों और राज्य भर से आने वाले कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे।
  • संगठन को मजबूती: मुख्यालय में स्थाई कक्ष होने से कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री से मिलने और अपनी बात रखने में आसानी होगी, जिससे सत्ता और संगठन के बीच की दूरी कम होगी।

सवा दो साल का इंतजार और 'पट्टिका' का संदेश

आमतौर पर मुख्यमंत्री बनने के कुछ समय बाद ही मुख्यालय में व्यवस्थाएं हो जाती हैं, लेकिन भजनलाल शर्मा के मामले में यह इंतजार थोड़ा लंबा रहा। जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री अपनी सादगी और 'कार्यकर्ता भाव' के कारण अब तक सामान्य मुलाकातों को तरजीह देते थे, लेकिन अब एक व्यवस्थित 'कैम्प ऑफिस' की जरूरत महसूस की गई ताकि गोपनीय और महत्वपूर्ण चर्चाएं सुचारू रूप से हो सकें।

भाजपा मुख्यालय में 'पॉवर शिफ्ट' की चर्चा

जैसे ही कक्ष के बाहर मुख्यमंत्री के नाम की पट्टिका लगी, सोशल मीडिया और राजनीतिक हल्कों में इसकी तस्वीरें वायरल हो गई हैं। इसे केवल एक कमरा नहीं, बल्कि भजनलाल शर्मा की संगठन पर बढ़ती पकड़ के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी के पुराने कार्यकर्ता इसे 'री-ब्रांडिंग' के तौर पर भी देख रहे हैं, जहाँ पुराने दौर की व्यवस्थाओं को नए नेतृत्व के साथ जोड़ा जा रहा है।

क्या होगा इस कक्ष का प्रोटोकॉल?

चूँकि यह एक मुख्यमंत्री का कक्ष है, इसलिए यहाँ सुरक्षा और गोपनीयता के विशेष इंतजाम किए गए हैं। हालांकि यह पार्टी मुख्यालय के भीतर है, लेकिन मुख्यमंत्री की मौजूदगी के दौरान यहाँ प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी दिनों में होने वाली महत्वपूर्ण कोर कमेटी की बैठकों या फीडबैक कार्यक्रमों के दौरान इस कक्ष की भूमिका अहम होगी।