पुलिस ने उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की।
बिलासपुर. साहब, मेरे साथ मारपीट कर मुझे ऑटो से धकेल दिया और ऑटो चालक व उसके साथी मेरी छोटी बहन को उठा ले गए। मेरी मदद कीजिए, कहीं कोई अनहोनी न हो जाए। ये शिकायत लेकर रविवार सुबह एक युवक तारबाहर थाने पहुंचा। घटना सुनकर पुलिस सकते में आ गई। 9 घंटे तक पतासाजी चलती रही। दर्जनों ऑटो चालकों से पूछताछ हुई। बाद में परिजनों से पता चला कि युवक मानसिक रोगी है। उसने मनगढ़ंत कहानी गढ़कर शिकायत कर दी। पुलिस ने उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की।
एएसपी नीरज चन्द्राकर ने बताया, रविवार सुबह 5 बजे तारबाहर थाने में कटघोरा निवासी दिनेश यादव शिकायत लेकर पहुंचा था। उसने पुलिस कर्मियों को बताया कि उसकी 17 वर्षीय छोटी बहन अमरकंटक में पढ़ती है। शनिवार रात वह अमरकंटक से उसे लेकर बिलासपुर स्टेशन आया था। कोरबा के लिए गाड़ी नहीं मिली, तो सुबह साढ़े 4 बजे की बस से कटघोरा जाने के लिए दोनों ऑटो (सीजी 10 टी 3084) में महाराणा प्रताप चौक जा रहे थे। ऑटो में दो युवक थे।
सोलापुरी माता मंदिर के पास ऑटो में बैठे दूसरे युवक ने उससे मारपीट कर गाड़ी से धकेल दिया और उसकी बहन का अपहरण कर ले गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए तारबाहर पुलिस तत्काल सक्रिय हुई। घटना की जानकारी क्राइम ब्रांच और अधिकारियों को दी। पुलिस ने ऑटो (सीजी 10 टी 3084) के चालक की तलाश की। आटो चालक की पहचान देवरीखुर्द निवासी दीपक पिता प्रणव शाह के रूप में हुई।
पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की, तो उसने ऐसी किसी घटना से साफ इनकार कर दिया। उसने बताया कि सुबह साढ़े 4 बजे वह स्टेशन से सीधे घर चला गया था। लगभग 9 घंटे तक जांच में किशोरी के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस ने शिकायकर्ता दिनेश यादव के पिता से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि उनके 3 बेटे हैं, कोई बेटी नहीं है। दिनेश सबसे छोटा है और वह मानसिक रोगी है। शिकायत फर्जी पाए जाने और दीपक के मानसिक रोगी होने की पुष्टि होने पर पुलिस ने राहत की सांस ली। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने प्रतिबंधात्मक धारा के तहत कार्रवाई की है।