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Census 2027: 200 से अधिक कर्मचारियों ने मांगी छुट्टी, 25 हजार मानदेय के बावजूद ड्यूटी से किनारा क्यों? जानें वजह

Census 2027: एक प्रगणक को सिर्फ 180 से 200 मकानों का सर्वे करना है, यानी 30 दिन में औसतन 7 घर प्रतिदिन, फिर भी जिम्मेदारी से बचने के लिए बहाने तलाशे जा रहे हैं।

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180-200 घर गिनने का टारगेट (फोटो सोर्स- पत्रिका)

180-200 घर गिनने का टारगेट (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Census 2027: जनगणना 2027 की तैयारियों के बीच बिलासपुर जिले में एक अलग ही तस्वीर सामने आ रही है। जहां प्रशासन ने कर्मचारियों को हर सुविधा और अपेक्षाकृत सीमित कार्यभार दिया है, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में कर्मचारी ड्यूटी से बचने के लिए आवेदन दे रहे हैं।

स्थिति यह है कि एक प्रगणक को सिर्फ 180 से 200 मकानों का सर्वे करना है, यानी 30 दिन में औसतन 7 घर प्रतिदिन, फिर भी जिम्मेदारी से बचने के लिए बहाने तलाशे जा रहे हैं। वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि, सभी आवेदनों पर मानवीय आधार पर विचार किया जाएगा, लेकिन अनावश्यक रूप से ड्यूटी से बचने की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा। इसके अलावा ट्रेनिंग पूरी होने के बाद ही इसे लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

Census 2027: काम कम, सुविधाएं ज्यादा, फिर भी ‘नो ड्यूटी’

जनगणना के लिए जिले में कुल 4962 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन 220 से अधिक कर्मचारियों ने ड्यूटी से हटने के लिए आवेदन दिया है। 608 कर्मचारियों को स्वास्थ्य कारणों से पहले ही निष्क्रिय किया जा चुका है, करीब 496 कर्मचारियों को रिजर्व में रखा गया है। ऐसे में सक्रिय कर्मचारियों पर जिम्मेदारी और ज्यादा बढ़ सकती है।

क्या है एक प्रगणक का टारगेट

  • कुल 180-200 मकान का सर्वे।
  • लगभग 750-900 लोगों की गणना।
  • 30 दिन में आराम से कार्य पूरा करना।
  • यानी प्रतिदिन औसतन 7 मकानों का दौरा।
  • इसके साथ ही 6 प्रगणकों पर एक सुपरवाइजर की निगरानी व्यवस्था भी बनाई गई है।

दो चरणों में होगा पूरा काम

  • 16 से 30 अप्रैल: स्व-गणना-
  • नागरिक खुद ऑनलाइन जानकारी भर सकते हैं।
  • एक रेफरेंस नंबर मिलेगा, जिसे प्रगणक को देना होगा।
  • 1 से 30 मई: घर-घर सर्वे
  • प्रगणक घर जाकर मकान, सुविधाएं और परिवार की जानकारी जुटाएंगे।

मानदेय और सुविधाएं भी पूरी दी जा रहीं

  • प्रशासन ने इस कार्य के लिए कर्मचारियों को आकर्षक सुविधाएं भी दी हैं।
  • 25,000 रुपए मानदेय प्रति प्रगणक।
  • अलग से भत्ते का प्रावधान भी।
  • ट्रेनिंग के दौरान 200 रुपए प्रतिदिन भोजन भत्ता, बाद में इसे भी बढ़ाया जाएगा।
  • डिजिटल सिस्टम और गाइडलाइन की पूरी व्यवस्था।
  • इसके बावजूद बड़ी संख्या में कर्मचारी ड्यूटी से हटने की मांग कर रहे हैं।

झील जायसवाल, सहायक जिला जनगणना अधिकारी के मुताबिक, जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जिसमें सभी कर्मचारियों की भागीदारी जरूरी है। कुछ कर्मचारियों ने व्यक्तिगत और स्वास्थ्य कारणों से आवेदन दिए हैं, जिन पर संवेदनशीलता से विचार किया जा रहा है। जहां वास्तविक परेशानी होगी, वहां राहत दी जाएगी, लेकिन अनावश्यक रूप से ड्यूटी से बचने वालों को चिन्हित कर आवश्यक निर्णय भी लिया जाएगा। हमारा प्रयास है कि पूरी प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरी हो।

  • 30 दिन में रोज सिर्फ औसतन 7 घर सर्वे का लक्ष्य, फिर भी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश
  • 25 हजार मानदेय, भत्ते व अन्य सुविधाएं भी अलग से दे रहा लेकिन आवेदन की भरमार
  • प्रशासन सख्त भी और संवेदनशील भी, ट्रेनिंग के बाद होगा अंतिम फैसला