
GPM Bear Attack: छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्रों से लगे गांवों में जंगली जानवरों की आवाजाही के बीच एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटना सामने आई है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही ब्लॉक स्थित सिलपहरी गांव में सुबह खेत जा रहे एक युवक पर जंगली भालू ने हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में युवक के सिर, पीठ और दाएं हाथ में गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में किसी तरह गांव पहुंचने के बाद उसे 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल ले जाया गया।
जानकारी के अनुसार, सिलपहरी निवासी कमलेश तंवर रोजाना की तरह शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे घर से खेत जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान रास्ते में उनका सामना चार जंगली भालुओं से हो गया। अचानक सामने आए भालुओं को देखकर वह संभल पाते, इससे पहले ही एक भालू ने उन पर हमला कर दिया।
हमले में कमलेश के सिर, पीठ और दाएं हाथ में गंभीर चोटें आईं। घायल होने के बावजूद उन्होंने किसी तरह खुद को भालू से बचाया और वहां से भागकर गांव पहुंचे।
गांव पहुंचने के बाद कमलेश की हालत देखकर स्थानीय नागरिक नरेंद्र ठाकुर ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। सूचना मिलते ही ईएमटी कमलेश कुमार प्रजापति और पायलट भूपत सिंह एंबुलेंस लेकर सिलपहरी पहुंचे।
एंबुलेंसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घायल युवक की स्थिति का जायजा लिया। चोटों से हो रहे रक्तस्राव को देखते हुए ईएमटी कमलेश कुमार प्रजापति ने एंबुलेंस में ही प्राथमिक उपचार शुरू किया। जरूरी उपचार देने के बाद घायल को बिना देरी किए जिला अस्पताल ले जाया गया।
जिला अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने कमलेश तंवर का उपचार शुरू किया। शुरुआती उपचार और समय पर अस्पताल पहुंचने के बाद उनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद सिलपहरी गांव और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वन क्षेत्र से लगे गांवों में लगातार जंगली जानवरों की मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों से जंगल और आसपास के इलाकों में जाते समय सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
वन क्षेत्रों से लगे इलाकों में भालुओं के हमले की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। हाल के कुछ मामलों में ग्रामीणों के घायल होने के साथ-साथ मौत की घटनाएं भी रिपोर्ट की गई हैं।