बिलासपुर

Bear Attack: GPM में भालू का खौफनाक हमला, सुबह खेत जाते ही युवक के सामने आ गए 4 भालू, फिर जो हुआ…

Chhattisgarh Bear Attack: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सुबह खेत जा रहे एक युवक पर जंगली भालू ने हमला कर दिया। घायल युवक किसी तरह गांव पहुंचा, जहां 108 एंबुलेंस की टीम ने प्राथमिक उपचार देकर उसे जिला अस्पताल पहुंचाया।
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Bear Attack, GPM Bear Attack
भालू का खौफनाक हमला (फोटो सोर्स- istock)

GPM Bear Attack: छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्रों से लगे गांवों में जंगली जानवरों की आवाजाही के बीच एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटना सामने आई है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही ब्लॉक स्थित सिलपहरी गांव में सुबह खेत जा रहे एक युवक पर जंगली भालू ने हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में युवक के सिर, पीठ और दाएं हाथ में गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में किसी तरह गांव पहुंचने के बाद उसे 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल ले जाया गया।

खेत की ओर निकला था युवक, रास्ते में दिखे चार भालू

जानकारी के अनुसार, सिलपहरी निवासी कमलेश तंवर रोजाना की तरह शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे घर से खेत जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान रास्ते में उनका सामना चार जंगली भालुओं से हो गया। अचानक सामने आए भालुओं को देखकर वह संभल पाते, इससे पहले ही एक भालू ने उन पर हमला कर दिया।

हमले में कमलेश के सिर, पीठ और दाएं हाथ में गंभीर चोटें आईं। घायल होने के बावजूद उन्होंने किसी तरह खुद को भालू से बचाया और वहां से भागकर गांव पहुंचे।

घायल युवक को देखकर ग्रामीण ने दी 108 को सूचना

गांव पहुंचने के बाद कमलेश की हालत देखकर स्थानीय नागरिक नरेंद्र ठाकुर ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। सूचना मिलते ही ईएमटी कमलेश कुमार प्रजापति और पायलट भूपत सिंह एंबुलेंस लेकर सिलपहरी पहुंचे।

एंबुलेंस में ही शुरू हुआ प्राथमिक उपचार

एंबुलेंसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घायल युवक की स्थिति का जायजा लिया। चोटों से हो रहे रक्तस्राव को देखते हुए ईएमटी कमलेश कुमार प्रजापति ने एंबुलेंस में ही प्राथमिक उपचार शुरू किया। जरूरी उपचार देने के बाद घायल को बिना देरी किए जिला अस्पताल ले जाया गया।

जिला अस्पताल में इलाज के बाद हालत खतरे से बाहर

जिला अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने कमलेश तंवर का उपचार शुरू किया। शुरुआती उपचार और समय पर अस्पताल पहुंचने के बाद उनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद सिलपहरी गांव और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वन क्षेत्र से लगे गांवों में लगातार जंगली जानवरों की मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों से जंगल और आसपास के इलाकों में जाते समय सतर्क रहने की अपील की जा रही है।

छत्तीसगढ़ में पहले भी सामने आ चुके हैं भालू के हमले

वन क्षेत्रों से लगे इलाकों में भालुओं के हमले की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। हाल के कुछ मामलों में ग्रामीणों के घायल होने के साथ-साथ मौत की घटनाएं भी रिपोर्ट की गई हैं।

  • 5 अगस्त 2026:कांकेर के नरहरपुर वन परिक्षेत्र के लारगांव मरकाटोला में मादा भालू के हमले में दो लोगों की मौत की जानकारी सामने आई थी। इस घटना में एक अन्य ग्रामीण के घायल होने की भी बात सामने आई थी।
  • 23 अगस्त 2026: भरतपुर के कुंवारपुर वन परिक्षेत्र में भालू के हमले में एक महिला के घायल होने की घटना सामने आई थी।
  • 13 अगस्त 2026: कांकेर में शौच के लिए घर से बाहर निकली महिला पर भालू के हमले की घटना सामने आई थी।
  • 19 जुलाई 2026: सूरजपुर में जंगल में खुखड़ी और पुट्टू लेने गई महिला पर तीन भालुओं ने हमला कर दिया था। महिला के घायल होने की जानकारी सामने आई थी।
  • 22 दिसंबर 2025: बीजापुर नेशनल पार्क क्षेत्र में भालू के हमले में शिक्षादूत शंकर मज्जी के गंभीर रूप से घायल होने की घटना सामने आई थी।
  • 1 दिसंबर 2025: नारायणपुर के अबूझमाड़ इलाके में भालू के हमले में एक ग्रामीण के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी।
  • 7 नवंबर 2025: बीजापुर में एंटी-नक्सल ऑपरेशन के दौरान एक जवान पर भालू के हमला करने की घटना सामने आई थी।
Updated on:
18 Sept 2026 01:16 pm
Published on:
18 Sept 2026 01:04 pm