
MCB bear attack, घटनास्थल पर जुटी लोगों की भीड़ (Photo- Patrika)
बैकुंठपुर। एमसीबी जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ के आसपास भालुओं के विचरण से रहवासी भयभीत हैं। इसी बीच मंगलवार शाम को इवनिंग वाक पर निकले एक रिटायर्ड कॉलरीकर्मी को भालू ने मार (Bear killed retired colliery worker) डाला। वे सिद्ध बाबा पहाड़ी घाट के पास एनएच पर पहुंचे ही थे कि अचाने भालू ने हमला कर दिया। भालू ने अपने पैने नाखूनों से जगह-जगह गंभीर वार किए। लहूलुहान हालत में बुजुर्ग को राहगीरों द्वारा एंबुलेंस की मदद से मनेंद्रगढ़ अस्पताल पहुंचाया गया। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वन विभाग द्वारा मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। इधर नगर निगम चिरमिरी के हल्दीबाड़ी इलाके में भी 2 भालूओं के विचरण से लोग भयभीत हैं।
सिद्ध बाबा घाट पर मंगलवार की शाम को रिटायर्ड एसईसीएल कर्मी नगर पंचायत खोंगापानी वार्ड क्रमांक-7 निवासी हरवंश (65) टहलने निकले थे। उसी समय भालू ने हनुमान मंदिर के आगे एनएच 43 पर अनाचक हमला (Bear attack) कर दिया। राहगीरों की मदद से एंबुलेंस से उसे घायल अवस्था में 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल मनेंद्रगढ़ पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद वन अमला अस्पताल पहुंचा और पीडि़त परिवार को तत्काल सहायता राशि देने की कोशिश की, लेकिन पीडि़त पक्ष ने लेने से इनकार कर दिया। मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों में आक्रोश है।
उनका कहना है कि शहर सहित आसपास भालू कई दिन से विचरण कर रहा है। बावजूद वन विभाग ने भालू का रेस्क्यू कर जंगल में छोडऩे को लेकर कोई प्रयास नहीं किया। हालांकि घटना के बाद से वन अमला (Forest team) एलर्ट हो गया है और आधी रात को पेट्रोलिंग कर भालू की तलाश की गई।
इधर नगर निगम चिरमिरी के हल्दीबाड़ी इलाके में रात को 2 भालूओं को विचरण करते देखा गया है, जिससे शहरवासी भयभीत हैं। वन विभाग के मुताबिक घटना स्थल सिद्धबाबा घाटी के आसपास आधा दर्जन से ज्यादा भालूओं का डेरा है, जो कई दिन से घूम रहे हैं। भालू अब धीरे-धीर आबादी की ओर पहुंचने लग गए हैं।
जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ में हर साल भालूओं का विचरण होता है। पिछले साल दिसंबर में रायपुर-सरगुजा के एक्सपर्ट की मदद से मादा भालू को ट्रैंकुलाइज कर पकड़ा गया था और 2 शावक पिंजड़े में फंस (Bear trapped) गए थे। बिलासपुर कानन पेंडारी से डॉ. चदन, एलिफेंट रेस्क्यू सेंटर से डॉ. अजीत पांडेय और स्थानीय वन विभाग की टीम ने मादा भालू व दो शावकों को अभियान चला कर रेस्क्यू किया था। फिर भालुओं को पकडऩे के बाद जंगल में सुरक्षित छोडऩे को लेकर रायशुमारी हुई थी।
Updated on:
16 Sept 2026 07:38 pm
Published on:
16 Sept 2026 07:38 pm
