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Koria News: हॉस्टल से 4th क्लास का छात्र था गायब, दूसरे दिन तालाब में मिली लाश, कलेक्टर ने अधीक्षक को किया सस्पेंड

Koria big incident: कोरिया जिले के सोनहत ब्लॉक स्थित आदिवासी बालक आश्रम शाला मझारटोला में बड़ी लापरवाही आई सामने, कलेक्टर ने एसडीएम को सौंपी जांच की जिम्मेदारी
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4th class student drowned in pond

Koria news, तालाब से निकाला गया बालक का शव (Photo- Patrika)

बैकुंठपुर. कोरिया जिले के सोनहत ब्लॉक अंतर्गत आदिवासी बालक आश्रम शाला मझारटोला में लापरवाही से एक 9 साल के बच्चे की तालाब में डूबकर मौत (Hostel student drowned in pond) हो गई। मामला सामने आने के बाद कोरिया कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने तत्काल एक्शन लेते हुए आश्रम अधीक्षक अशोक एक्का को निलंबित कर दिया गया है। वहीं कलेक्टर ने प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी सोनहत एसडीएम को दी है। बताया जा रहा है कि छात्र के गायब होने की सूचना आश्रम अधीक्षक द्वारा उच्चाधिकारियों को नहीं दी गई थी। दो दिन पूर्व ही छात्र को उसके परिजन आश्रम में छोडक़र गए थे।

8 सितंबर को सुबह 7 बजे से आदिवासी बालक आश्रम मझारटोला में रह रहा चौथी कक्षा का छात्र प्रिंस सिंह पिता बिजेन्द्र सिंह (9) बिना किसी को कुछ बताए आश्रम में उपस्थित नहीं था। छात्र के आश्रम में नहीं होने की जानकारी आश्रम अधीक्षक अशोक एक्का ने उच्चाधिकारियों को नहीं दी। इसी बीच 9 सितंबर को आश्रम के नजदीक तालाब में बालक का शव (Child dead body found in pond) बरामद हुआ। इसकी जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक और पुलिस टीम मौके पर पहुंची।

मामले को गंभीरता से लेकर कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने आश्रम अधीक्षक अशोक एक्का के कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के प्रावधानों के विपरीत पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत तत्काल निलंबित कर दिया। अधीक्षक को सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय अटैच किया गया है।

Koria Collector: बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

कलेक्टर (Koria Collector Roktima Yadav) ने आश्रम-छात्रावासों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा, नियमित उपस्थिति और नियमित निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा एवं देखरेख में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्रम से छात्र के बिना सूचना अनुपस्थित पाए जाने तथा उसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को नहीं देने के मामले को गंभीरता से लिया है।

कलेक्टर ने एसडीएम को सौंपी जांच की जिम्मेदारी

कलेक्टर यादव ने एसडीएम सोनहत को प्रकरण की जांच करने जिम्मेदारी सौंपी है। जांच में छात्र के आश्रम से अनुपस्थित होने की परिस्थिति, आश्रम प्रबंधन की भूमिका, विभाग के संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी का परीक्षण किया जाएगा। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने निर्देश दिए गए हैं।

परिजनों को शाम को मिली जानकारी

मृतक प्रिंस सिंह बैकुंठपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत टेंगनी का निवासी था। 2 दिन पूर्व ही उसके परिजन ने उसे आश्रम में छोड़ा था। आश्रम से छात्र 8 सितंबर की सुबह 7 बजे अनुपस्थित था, लेकिन परिजनों को शाम को जानकारी दी गई। इसके बाद परिजन ने भी बालक की खोजबीन शुरू कर दी। अगले दिन तालाब में शव (Student drowned in pond) मिलने से हडक़ंप मच गया। मामले में सोनहत पुलिस ने पीएम पश्चात शव परिजन को सौंप दिया।

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