
Koria news, कोरिया डॉग शेल्टर में लटका ताला (Photo- Patrika)
बैकुंठपुर। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन करने नगर पालिका प्रशासन ने आनन-फानन में घुमंतू श्वानों की देखभाल करने कोरिया जिले के बैकुंठपुर स्थित तलवापारा गोठान परिसर में डॉग शेल्टर (Dog Shelter) खोला है। लेकिन 9 महीने से शेल्टर में ताला लटका हुआ है। नपा टीम शेल्टर खोलने के बाद एक श्वान तक नहीं रख पाई। बता दें कि नगर पालिका सहित आसपास क्षेत्र में 500 से ज्यादा घुमंतू श्वान हैं। बारिश के मौसम में श्वानों के काटने (Dog bite news) से घायल होने की खबरें आने लगी है। डॉट बाइट से पीडि़त लोग जिला अस्पताल में वैक्सीन लगवा रहे हैं।
जिला प्रशासन की सख्ती के बाद नपा टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में घुमंतू श्वानोंं को पकडऩे विशेष अभियान चलाया था। इस दौरान गिनती के श्वानों को शेल्टर लेकर पहुंचे और वेटनरी सर्विसेस के सहयोग से सुरक्षित तरीके से डॉग शेल्टर तलवापारा भेज टीकाकरण कराया गया है। फिलहाल पिछले 9 महीने से नगर पालिका प्रशासन ने डॉग शेल्टर की सुध नहीं ली।
जबकि शेल्टर में घुमंतू श्वानों की नसबंदी, टीकाकरण (Vaccination) और स्वास्थ्य परीक्षण की प्रक्रिया होनी थी। शहर में बढ़ रहे श्वानों की अनियंत्रित संख्या को रोकने और नागरिकों की सुरक्षा करने योजना बनी थी। आक्रामक और हमलावर स्वभाव के श्वानों को प्राथमिकता के आधार पर शहर से हटाया जाना और श्वानों से जुड़ी दुर्घटनाओं, रेबीज संक्रमण के जोखिम को कम करना था।
हालांकि शहर के 20 वार्ड में खुली जगह पर घुमंतू श्वानों को भोजन खिलाने पर प्रतिबंध लगा विभिन्न वार्डों में जगह-जगह पोस्टर चस्पा कराया गया है। इसमें लिखा गया है कि श्वानों को सडक़, गली, पार्क सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भोजन कराना पूर्णत: प्रतिबंधित है। नियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी।
नगर के समाजसेवी अनुराग दुबे का कहना है कि नगर पालिका की स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा करना ड्यूटी है। बारिश के मौसम में कई बार घुमंतू श्वान हिंसक हो जाते हैं और राहगीरों पर हमला (Dog attack) कर देते हैं। उनका सुझाव है कि नगर पालिका को घुमंतू श्वानों की नसबंदी करानी चाहिए। इससे जनसंख्या कम हो सकती है। इसमें ज्यादा खर्च भी नहीं करना पड़ेगा।
क्योंकि शहर में बड़ी संख्या में श्वान विचरण करते नजर आते हैं। कई बार राहगीरों को नुुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने नागरिकों से कहा कि किसी भी घुमंतू श्वानों को पकडऩे की कोशिश बिल्कुल नहीं करें। क्योंकि ऐसा करने का प्रयास खतरनाक हो सकता है। बच्चों को विशेष रूप से ऐसे श्वानों से दूर रखने की सलाह दी है। किसी नागरिक व बच्चों को श्वान काट लेने पर तुरंत अस्पताल जाकर जांच और उपचार कराएं।
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अगस्त 220
Updated on:
06 Sept 2026 09:05 pm
Published on:
06 Sept 2026 09:05 pm
