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Koria News: आरती के समय हर शाम मंदिर पहुंचती है गाय, प्रसाद ग्रहण कर लौट जाती है, आस्था से जुड़ा अनोखा दृश्य बना चर्चा का विषय

Unique Cow in MCB: एमसीबी जिले में स्थित दशकों पुराने हनुमान मंदिर में आ रही गाय को लेकर श्रद्धालुओं में कौतूहल, गाय को देखने पहुंच रहे लोग
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Unique cow in Hanuman temple

Koria news, मंदिर के सीढिय़ों पर खड़ी गाय (Photo- Patrika)

मनेंद्रगढ़। एमसीबी जिले के मनेंद्रगढ़ स्टेशन रोड स्थित दशकों पुराने हनुमान मंदिर (Hanuman Temple) में आस्था और विश्वास से जुड़ा एक अनोखा दृश्य इन दिनों श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। पिछले कई दिनों से एक गाय प्रतिदिन शाम के समय मंदिर में होने वाली पूजा-अर्चना और आरती के दौरान पहुंच रही है। खास बात यह है कि आरती शुरू होने से पहले गाय मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बीच शांत खड़ी रहती है और पूजा होने तक मौजूद रहती है। वहीं प्रसाद ग्रहण करने के बाद वह वहां से चली जाती है। यह दृश्य देखने अब आस-पास के गांवों के लोग भी पहुंच रहे हैं।

स्थानीय श्रद्धालुओं के अनुसार प्रतिदिन शाम को जैसे ही मंदिर में आरती की तैयारी शुरू होती है, गाय (Unique Cow) मंदिर परिसर में पहुंच जाती है। आरती के दौरान भक्तों के बीच खड़ी रहती (Unique news) है। पूजा समाप्त होने के बाद प्रसाद ग्रहण करने के बाद चली जाती है। लगातार कई दिन से गाय के मंदिर पहुंचने का क्रम जारी रहने से श्रद्धालुओं में विशेष उत्सुकता और श्रद्धा का भाव है।

लोगों का कहना है कि भारतीय सनातन परंपरा (Sanatan Tradition) में गाय के प्रति श्रद्धा रखी जाती है तथा यह पूजनीय है। वहीं धार्मिक मान्यताओं में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है। हनुमान मंदिर में नियमित रूप से पहुंचने से भक्तों के लिए भावनात्मक और आस्था से जुड़ा अनुभव बन गया है। हालांकि, इसे लेकर अलग-अलग लोगों की अपनी-अपनी मान्यताएं हो सकती है, लेकिन मंदिर में आने वाले श्रद्धालु श्रद्धा और विश्वास की दृष्टि से देख रहे हैं।

Cow in Temple: गाय को देखने पहुंच रहे लोग

गाय की आरती में शामिल होने का यह दृश्य देखने के लिए आसपास के लोग भी मंदिर पहुंच रहे हैं। कई श्रद्धालु कुछ देर रुककर शांत और अनोखे दृश्य को देखते हैं। भक्तों का कहना है कि पशु-पक्षियों के प्रति प्रेम, दया और सेवा भी हमारी संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में इस गाय के प्रति भी लोगों में स्नेह और अपनत्व का भाव है।

हर दिन मंदिर में होती है आरती-पूजा

स्थानीय लोगों ने बताया कि मंदिर में वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है। यहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना और आरती होती है। अब गाय के लगातार आरती (Arati in temple) के समय पहुंचने से नगर में चर्चा का विषय बन गया है। आस्था व्यक्तिगत विश्वास का विषय हैै। श्रद्धालु गाय को प्रसाद देकर उसकी सेवा कर रहे हैं। उसको मंदिर परिसर में रहने दे रहे हैं।

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