Census 2027: देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। केंद्र सरकार द्वारा इसे दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें पहला चरण यानी मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) और आवास जनगणना 1 मई 2026 से शुरू होकर सितंबर तक चलेगा।
Census 2027: देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। केंद्र सरकार द्वारा इसे दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें पहला चरण यानी मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) और आवास जनगणना 1 मई 2026 से शुरू होकर सितंबर तक चलेगा। इसको लेकर बिलासपुर जिले में प्रशिक्षण का दौर शुरू हो चुका है।
एडीएम शिव बनर्जी ने बताया कि प्रथम चरण के लिए सभी चार्ज अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि सर्वे कार्य को सुचारु रूप से संचालित किया जा सके। उन्होंने कहा कि 1 मई से जिले में घर-घर जाकर जानकारी एकत्र की जाएगी।
यदि कोई जानकारी देने से बचता है या गलत जानकारी देता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पहले चरण में प्रगणक (गणनाकार) घर-घर जाकर 33 महत्वपूर्ण सवाल पूछेंगे। इनमें शामिल होंगे
जनगणना 2027 का पहला चरण पूरी तरह डिजिटल होगा। प्रगणक मोबाइल ऐप के जरिए डेटा दर्ज करेंगे और हर मकान की जियो-टैगिंग भी की जाएगी। इससे डेटा अधिक सटीक और पारदर्शी रहेगा। इसके साथ ही नागरिकों को सेल्फ-एन्यूमरेशन (स्व-गणना) का विकल्प भी दिया जाएगा, जिसमें वे स्वयं अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से ऑनलाइन जानकारी भर सकेंगे।
जिला प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए पूरी तैयारी कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना को सफल बनाने के लिए सभी विभागों का समन्वय सुनिश्चित किया जा रहा है और कर्मचारियों को तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारियां बिलासपुर जिले में शुरू कर दी गई हैं। इस चरण के लिए सभी चार्ज अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि सर्वे कार्य निर्धारित समय पर और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सके। 1 मई से हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना का कार्य शुरू होगा, जिसमें प्रगणक घर-घर जाकर निर्धारित प्रश्नों के आधार पर जानकारी एकत्र करेंगे। यह प्रक्रिया इस बार पूरी तरह डिजिटल होगी और मोबाइल एप के माध्यम से डेटा संग्रह किया जाएगा।
नागरिकों से अपील है कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, इसलिए सभी लोग सही और पूरी जानकारी देकर सहयोग करें। साथ ही, जिन लोगों के पास सुविधा है, वे स्व-गणना के माध्यम से भी अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। सटीक आंकड़े ही योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का आधार होते हैं, इसलिए जनगणना में पारदर्शिता और सहभागिता बेहद जरूरी है। - शिव बनर्जी, एडीएम, बिलासपुर