बिलासपुर

CG High Court: 6वीं की छात्रा की आत्महत्या मामला: कार्मेल स्कूल की आरोपी शिक्षिका की याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज

CG High Court: कोर्ट ने कहा- बच्चों को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी सरकार की, फरवरी माह में 6वीं की छात्रा अर्चिशा सिन्हा ने फांसी लगाकर की थी आत्महत्या, सुसाइड नोट में शिक्षिका का लिखा था नाम
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Updated: 4 Aug 2024, 5:16 PM IST
CG High Court

बिलासपुर. CG High Court: हाईकोर्ट ने छठवीं की एक छात्रा को आत्महत्या के लिए उकसाने की आरोपी शिक्षिका की क्रिमिनल पिटीशन खारिज कर दी। शिक्षिका ने अपने खिलाफ प्रकरण निरस्त करने याचिका दायर की थी। कोर्ट ने कहा कि सरकार का यह दायित्व है कि वह बच्चे को सभी प्रकार की शारीरिक या मानसिक हिंसा, चोट, दुव्र्यवहार, यातना, अमानवीय या अपमानजनक व्यवहार, यौन शोषण से सुरक्षित करने विधायी, प्रशासनिक, सामाजिक और शैक्षिक उपाय करे।


अंबिकापुर के कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल में शिक्षिका के पद पर कार्यरत सिस्टर मर्सी उर्फ एलिजाबेथ जोस के खिलाफ फरवरी 2024 में अंबिकापुर के मणिपुर थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई थी। इसमें 6वीं की छात्रा को खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया।

पुलिस ने शिकायत पर आईपीसी की धारा 305 के तहत एफआईआर दर्ज की थी। विवेचना के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट प्रस्तुत की। आरोपी शिक्षिका ने हाईकोर्ट में क्रिमिनल पिटीशन लगाई थी। इसमें खुद के खिलाफ प्रस्तुत चार्जशीट को निरस्त करने की मांग की।

चीफ जस्टिस की डीबी ने ये कहा

सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस की डीबी ने कहा कि मौजूदा मामले में, याचिकाकर्ता पर छात्रा अर्चिशा को कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। वह एक नियमित शिक्षिका के रूप में काम कर रही है।

इस स्तर पर याचिका में दिए गए दावे कि याचिकाकर्ता के खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे हैं, को बीएनएसएस की धारा 528 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते समय नहीं देखा जा सकता।

कोर्ट ने कहा कि इसके मद्देनजर, इस न्यायालय को याचिकाकर्ता अभियुक्त के खिलाफ लगाए गए आरोप पत्र के साथ-साथ एफआईआर को रद्द करने का कोई आधार नहीं मिला।

ये था मामला

अंबिकापुर के दर्रीपारा निवासी इंजीनियर आलोक सिन्हा की 11 वर्षीय पुत्री अर्चिशा सिन्हा कार्मेल स्कूल में 6वीं कक्षा की छात्रा थी। उसने फरवरी माह में सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या कर ली थी।

सुसाइड नोट में शिक्षिका मर्सी पर सभी बच्चों के सामने उसे अपमानित करने का आरोप लगाया था। उसने लिखा था कि उसके सामने आत्महत्या के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। शिक्षिका को सजा मिलनी चाहिए, ताकि वह उसके दूसरे दोस्तों को प्रताडि़त न कर सके।

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4 Aug 2024, 5:16 PM IST
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