CG Highcourt: बिलासपुर जिले में सरकारी स्कूलों की दुर्दशा, स्कूलों में करंट और जरूरी सुविधाएं नहीं होने के मामले में हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए शिक्षा सचिव से शपथपत्र पर जवाब मांगा है।
CG Highcourt: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सरकारी स्कूलों की दुर्दशा, स्कूलों में करंट और जरूरी सुविधाएं नहीं होने के मामले में हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए शिक्षा सचिव से शपथपत्र पर जवाब मांगा है। 8 अगस्त को फिर अगली सुनवाई तय की गई है।
स्वामी आत्मानंद प्राथमिक विद्यालय, सेंदरी परिसर में करंट की समस्याछात्रों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। विद्यालय भवन की दीवारों में विद्युत प्रवाह फैलने के कारण बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। ऐसी ही एक घटना में चौथी कक्षा के छात्र नीलेश पटेल को करंट लगने से इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
छात्रों ने बताया कि दीवारों में विद्युत प्रवाह लगातार फैल रहा है, जिससे कक्षाओं में खतरा बना रहता है। स्कूल प्रबंधन ने स्कूल शिक्षा विभाग को इस चिंताजनक स्थिति से अवगत करा दिया है। फिर भी कोई प्रभावी सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए। इस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेकर शालाओं की दुर्दशा को लेकर पहले से चल रही सुनवाई के साथ ही इस मुद्दे को भी संलग्न किया।
इस प्रकरण के दौरान ही अधिवक्ता टीके झा ने भी एक हस्तक्षेप याचिका दायर की।इसमें सक्ती जिले में स्कूलों की दुर्दशा की जानकारी दी गई। इसमें बताया गया है कि स्कूलों में शौचालय और फर्नीचर नहीं है। कई स्कूलों में बाउंड्रीवाल या बिल्डिंग ही नहीं है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डीबी ने मरमत में गड़बड़ी पर संज्ञान लिया।