
हाईकोर्ट (photo-patrika)
CG News: कवर्धा जिले के व्यस्त राजमहल चौक से समनापुर रोड तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका परिषद कवर्धा द्वारा बिना नोटिस, बिना भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया और बिना मुआवजा दिए सड़क के दोनों ओर स्थित मकानों और दुकानों को हटाने की तैयारी की जा रही है। इस पूरे मामले को लेकर अब मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बिलासपुर पहुंच गया है।
कवर्धा निवासी अधिवक्ता सत्यम शिवम सुंदरम शुक्ला ने इस संबंध में राज्य शासन सहित प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर प्रशासन मनमाने ढंग से कार्रवाई की तैयारी कर रहा है जबकि प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की लिखित सूचना नहीं दी गई है और न ही भूमि अधिग्रहण की वैधानिक प्रक्रिया अपनाई गई है।
याचिका में बताया गया है कि राजमहल चौक से समनापुर रोड तक सड़क के दोनों किनारों पर बड़ी संख्या में दुकानें, मकान और कार्यालय स्थित हैं। इनमें कई संपत्तियां स्वामित्व भूमि, कुछ पट्टे की भूमि, कुछ नजूल भूमि पर बनी हुई हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने प्रभावित लोगों को कोई आधिकारिक नोटिस नहीं दिया है।
याचिकाकर्ता के अनुसार शासन स्तर पर केवल सडक़ निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हुई है, जबकि सड़क चौड़ीकरण या भवनों को हटाने संबंधी कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। इसके बावजूद नगर पालिका और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इस मामले में अधिवक्ता शुक्ला ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा मीडिया को यह जानकारी दी जा रही है कि सभी प्रभावित लोगों को नोटिस और सूचना दे दी गई है, जबकि हकीकत में क्षेत्र के अधिकांश लोगों को कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। इससे लोगों में भारी असंतोष और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने डिमोलिशन से जुड़े मामलों में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं कि किसी भी व्यक्ति की संपत्ति को हटाने से पहले कारण बताओ नोटिस देना, सुनवाई का अवसर देना, अंतिम आदेश पारित करना और आवश्यक होने पर उचित मुआवजा देना अनिवार्य है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि प्रशासन की प्रस्तावित कार्रवाई इन सभी नियमों के विपरीत है और इससे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन हो रहा है। बताया जा रहा है कि इस मामले में उच्च न्यायालय ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद राज्य शासन से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई एक-दो दिनों के भीतर होने की संभावना बताई जा रही है। इस बीच राजमहल चौक से समनापुर रोड तक रहने और व्यवसाय करने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई है।
Updated on:
14 Mar 2026, 6:04 PM IST
Published on:
14 Mar 2026, 6:04 PM IST
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