CGPSC Civil Judge Result: सिविल जज परीक्षा के परिणाम आ गए हैं। रिजल्ट में कई युवाओं के सपने पूरे हुए हैं। बिलासपुर की बेटी एस प्रिया ने पत्रिका के साथ अपने सफलता के अनुभव साझा किए है..
CGPSC Civil Judge Result: मेहनत, अनुशासन व अटूट विश्वास के बल पर शहर की बेटी एस प्रिया ने सिविल जज परीक्षा में सफलता हासिल कर न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे शहर को गर्व का अवसर दिया है। चयन के बाद हुई बातचीत में प्रिया ने अपनी तैयारी की रणनीति, परीक्षा के दौरान आई चुनौतियों व असफलताओं से जूझने के अनुभव साझा किए। पेश उनसे बातचीत के प्रमुख अंश…
इस सफलता की यात्रा में सबसे बड़ी चुनौती क्या रही और आपने उसे कैसे पार किया?
सबसे बड़ी चुनौती मेंस परीक्षा के कॉन्सेप्ट को समझना और उत्तर लेखन को बेहतर बनाना था। मैंने उत्तरों की प्रस्तुति और स्पष्टता पर विशेष ध्यान दिया। लगातार अभ्यास और रणनीतिक तैयारी से चुनौती को पार किया।
आपकी तैयारी की रणनीति क्या थी, जिसे अन्य अभ्यर्थी अपनाकर लाभ उठा सकते हैं?
पढ़ाई में निरंतरता सबसे अहम है। एक दिन 10-12 घंटे पढकऱ दूसरे दिन विराम लेने से बेहतर है कि रोज नियमित 7-8 घंटे पढ़ाई की जाए। पढ़ाई ऐसी होनी चाहिए कि दोहराने पर तुरंत याद ताजा हो जाए।
असफलताओं या निराशा के दौर में खुद को प्रेरित कैसे बनाए रखा?
सिविल जज बनना उनका सपना था। जब लक्ष्य स्पष्ट हो तो मेहनत अपने आप प्रेरणा देती है। एक बार तैयारी में पूरी तरह जुट जाएं तो पीछे हटने का सवाल ही नहीं।
एक सिविल जज के रूप में आप न्याय व्यवस्था में कौन-सा बदलाव लाना चाहते हैं?
नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन से महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर सख्ती से रोक लगेगी। ई-प्रणाली और डिजिटल मॉनिटरिंग से न्याय व्यवस्था और पारदर्शी होगी। उन्होंने कहा कि वे कानूनों का सुचारू पालन सुनिश्चित करेंगी ताकि हर पक्षकार को लगे कि उसके साथ न्याय हुआ है।
आपके परिवार, शिक्षकों या साथियों की इस सफलता में क्या भूमिका रही?
सफलता का श्रेय माता-पिता, बहन और मित्रों को दिया। परिवार ने हर कदम पर सहयोग और प्रोत्साहन दिया। कठिन विषयों को समझाने में दोस्तों ने भी मदद की।
सिविल जज परीक्षा में डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय के के पांच विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय सफलता अर्जित कर संस्थान का नाम रोशन किया है। मुख्य सूची में तृप्ति अग्रवाल, अंजु पात्रे, अश्वीन खाका और डिप्पल अजगल्ले का चयन हुआ है, जबकि प्रगति उपाध्याय का नाम अनुपूरक सूची में शामिल किया गया है। कुलपति प्रो. प्रदीप घोष ने इसे पूरे विश्वविद्यालय के लिए प्रेरणादायी बताया। कुलसचिव डॉ. अरविंद तिवारी ने कहा कि स्पष्ट लक्ष्य और निरंतर प्रयास से सफलता निश्चित है।