CG Fraud News: एफसीआई से सप्लाई का ठेका मिलने पर 15 लाख रुपया लिया है। उसके बाद संपर्क बंद कर दिया। जब भुगतान की बात तो पालीवाल परिवार टालमटोल करता रहा।
CG Fraud News: कारोबार में 75 लाख रुपए की बेइमानी करने में एनटीपीसी के अफसर समेत उनकी पत्नी और बेटे को जेल की हवा खानी पड़ी है। इन लोगों ने ग्वालियर के गेहूं कारोबारी को धमकाया था कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री जहां चाहो वहां शिकायत करो, पैसा तो नहीं देंगे। पूरे परिवार को ग्वालियर पुलिस ने कोरबा से दबोचा है। लेकिन लाखों की ठगी में आरोपियों से लंबी पूछताछ करने की बजाए उन्हें सीधे जेल भेजने में पुलिस भी सवालों के घेरे में आई है।
विनयनगर सेक्टर 4 (बहोड़ापुर) निवासी गिरीश मित्तल कारोबारी है। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी अनिल पालीवाल, उनकी पत्नी रेखा पालीवाल और बेटे हर्ष पालीवाल निवासी कोरबा ने गेहूं कारोबार में धोखा देकर 75 लाख 74 हजार 186 रुपए ठगे हैं। गिरीश के मुताबिक मित्तल ट्रेडर्स के नाम से उनका कारोबार है। पिछले साल रेखा और हर्ष पालीवाल ने उनसे संपर्क कमीशन पर कारोबार की बात की थी। फिर अनिल, रेखा और हर्ष ने दो ट्रक गेहूं का सौदा किया था। इन लोगों ने कहा था हर महीने 250 टन गेहूं सप्लाई करो तो उसके बदले 50 पैसे प्रतिकिलो का कमीशन देंगे और भुगतान 20 दिन में करेंगे। कारोबार में मुनाफा देख वह राजी हो गए।
गिरीश का कहना है अनिल और उनके परिवार को 75 लाख 60 हजार 463 रुपए का भुगतान करना है। लेकिन यह लोग पैसा देने के राजी नहीं है। रकम वसूलने के लिए वह पत्नी सहित कोरबा तक गए। लेकिन अनिल और पत्नी बेटे ने साफ बोल दिया राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सबसे शिकायत करो हमसे पैसा मत मांगो। तब पुलिस से शिकायत की थी। वही इस मामले में बहोडापुर थाना टीआई जितेन्द्र तोमर ने बताया गेहूं कारोबार में ठगी करने के आरोपी को उसकी पत्नी और बेटे के साथ गिरफ्तार किया है। तीनों को जेल भेजा गया है।
गिरीश के मुताबिक अनिल पालीवाल ने तो उन्हें भरोसा दिलाया था वह एनटीपीसी में अफसर हैं। किसी बात की चिंता मत करना। कोई भी परेशानी आएगी तो वह संभालेंगे। जरुरत पड़ने पर पूरा पैसा सात दिन में चुकाएंगे। उनकी बातों में आकर लगातार गेंहू भेजते रहे। अभी तक 1850 मैट्रिक गेंहू भेज चुके हैं। उसके एवज में पालीवाल परिवार ने सिर्फ 27 लाख 21 हजार 350 रुपए भुगतान किया है। कुछ समय पहले इन लोगों ने एफसीआई से सप्लाई का ठेका मिलने पर 15 लाख रुपया लिया है। उसके बाद संपर्क बंद कर दिया। जब भुगतान की बात तो पालीवाल परिवार टालमटोल करता रहा।