CG Weather Update: बिलासपुर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे दिन के समय तेज धूप और उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया।
CG Weather Update: मार्च के महीने में ही बढ़ती गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। गुरुवार को बिलासपुर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे दिन के समय तेज धूप और उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। हालांकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव के संकेत दिए हैं और कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है।
मार्च की शुरुआत से ही बिलासपुर में गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले यह 37.5 डिग्री था। वहीं न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तेज धूप और बढ़ती गर्मी के कारण दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। लोग गर्मी से बचने के लिए घरों और दफ्तरों में ही रहना बेहतर समझ रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में मध्य क्षोभमंडल में करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर 69° पूर्व और 33° उत्तर अक्षांश के आसपास सक्रिय है। इसके प्रभाव से प्रदेश में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदल सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक 14 मार्च से प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में उत्तर दिशा से और दक्षिणी हिस्सों में बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएं आने की संभावना है। इससे मध्य छत्तीसगढ़ क्षेत्र में हवाओं का संगम बन सकता है। इस सिस्टम के प्रभाव से 13 मार्च से बस्तर संभाग के जिलों में बारिश की गतिविधियां शुरू होने के आसार हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 14 मार्च को दक्षिण छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ सकते हैं। वहीं 15 और 16 मार्च को प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान तेज हवाएं, अंधड़ और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान अधिकतम तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार तेजी से बढ़ता तापमान छोटे बच्चों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा तापमान एक से सात वर्ष के बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि इस उम्र में शरीर तापमान को नियंत्रित करने में कमजोर होता है। इससे हीट एग्जॉशन, डिहाइड्रेशन और चक्कर आने जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बच्चों को तेज धूप से बचाएं और उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाते रहें।